कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर मायावती ने दी श्रद्धांजलि: भतीजे आकाश आनंद के साथ मंच साझा करने से सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार का दिन एक बड़े और अहम राजनीतिक घटनाक्रम का गवाह बना। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि के मौके पर उन्हें पूरी श्रद्धा के साथ नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान एक खास दृश्य ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद भी उनके साथ मौजूद रहे।

पिछले कुछ समय के दौरान पार्टी के भीतर उपजे अंदरूनी गतिरोध, निष्कासन और फिर से पार्टी में वापसी के बाद यह पहला ऐसा मौका था जब बसपा सुप्रीमो मायावती और आकाश आनंद एक साथ सार्वजनिक रूप से नजर आए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों का एक साथ दिखना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपसी मतभेद अब पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं।

​पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित बसपा सेंट्रल कैंप कार्यालय पहुंचकर पार्टी संस्थापक कांशीराम के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस गरिमामयी अवसर पर आकाश आनंद समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने भी कांशीराम जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए लिखा, “देश में जाति के आधार पर सदियों से तोड़े व पछाड़े गये ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य कमज़ोर तबक़ों आदि को उनके वोट की ताक़त के माध्यम से सत्ता की मास्टर चाबी देकर उन्हें शोषित से शासक वर्ग बनाने हेतु इनके मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के रुके एवं बिखरे हुये कारवाँ को आगे मंज़िल तक पहुँचाने के लिये बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर बी.एस.पी. परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बसपा सुप्रीमो ने अपने कार्यकाल के उन सुनहरे दिनों को भी याद किया जब उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकारें थीं। उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “मान्यवर श्री कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही यह सुखद परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्वपूर्ण राज्य में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की चार बार सरकार बनी और इसके माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ के ऐतिहासिक कार्य करके ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आदि के समता व समानता के हक़ के लिये उनके अतुलनीय संघर्ष व बहुमूल्य योगदान को ज़मीनी स्तर पर उतारकर संविधान के पवित्र मंशा की पूर्ति की गयी।”

​अंत में सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा, “यही नहीं बल्कि इन महापुरुषों की प्रेरणा से, यूपी में सर्वसमाज के हित में अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामलों में क़ानून द्वारा क़ानून का राज क़ायम करके तथा जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी, बेहतरीन सरकार देकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि व श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया।”

Dr. Bhanu Pratap Singh