‘एक फार्म हाउस में रची गई मेरी हत्या की साजिश’, चंद्रशेखर आजाद के बयान से गरमाया यूपी का सियासी पारा

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उत्तर प्रदेश। सूबे की सियासत में उस वक्त अचानक से हलचल तेज हो गई जब नगीना लोकसभा सीट से सांसद और ‘आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज बयान सामने आया। पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किए गए एक वीडियो संदेश में चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि किसी गुप्त स्थान के एक फार्म हाउस के भीतर उन्हें रास्ते से हटाने और उनकी हत्या करने का एक गहरा षड्यंत्र रचा गया है।

उन्होंने बेहद जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके पास जो भी पुख्ता जानकारियां और विश्वसनीय सूत्र हैं, वे पूरी तरह दुरुस्त हैं। हालांकि, अपने इस संबोधन में उन्होंने इस कथित साजिश के पीछे सीधे तौर पर किसी खास व्यक्ति, नेता या संगठन का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन इतना जरूर साफ किया कि उन्हें यह गुप्त सूचना उनके कुछ करीबी साथियों के जरिए मिली है।

आजाद ने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश आरक्षण खत्म करने की मांग करने वाले आंदोलन से जुड़े लोगों ने रची है। उन्होंने कहा कि UGC और आरक्षण के मुद्दे पर वह लगातार मुखर रहे हैं और बिहार में भी इन मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके के मुताबिक, राजनीतिक तौर पर उन्हें रोकने में नाकाम रहने के बाद अब उनकी हत्या की साजिश की बात सामने आई है।

चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो जारी कर दावा किया कि यह महज विवाद नहीं था, बल्कि कुछ लोगों ने उनके काफिले की गाड़ियों में आग लगाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि बोतलों में पेट्रोल या डीजल जैसा ज्वलनशील पदार्थ भरकर उसमें बत्ती लगाई गई थी और कुछ लोग उन्हें तलाश रहे थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।आजाद ने इस घटना की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ उनकी सुरक्षा तक सीमित नहीं है। चंद्रशेखर आजाद ने सवाल उठाया कि अगर एक सुरक्षा प्राप्त सांसद के साथ दिनदहाड़े इस तरह की घटना हो सकती है, तो प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने सरकार से कथित हत्या की साजिश और बाराबंकी की घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की।

फिलहाल, चंद्रशेखर आजाद द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। अब यह पूरी तरह प्रशासनिक जांच और पुलिसिया पड़ताल पर निर्भर करता है कि इस तथाकथित फार्म हाउस की साजिश के पीछे की असल सच्चाई क्या है और बाराबंकी में हुई घटना के साथ इसका क्या कोई वास्ता है या नहीं।

Dr. Bhanu Pratap Singh