आगरा। हिंदी दिवस (14 सितंबर) के उपलक्ष्य में कन्हैया लाल मानिक लाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई), डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय और स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने जा रहे हिंदी पखवाड़ा उत्सव की बुधवार को बृहस्पति भवन, पालीवाल पार्क स्थित विश्वविद्यालय परिसर में औपचारिक उद्घोषणा की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी, केएमआई के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर, स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्ष विनीता मित्तल एवं सचिव श्रुति दास ने संयुक्त रूप से विभिन्न प्रतियोगिताओं के पोस्टरों का विमोचन किया।
’कक्षा दसवीं तक संस्कृत का अध्ययन हो अनिवार्य’
कुलपति प्रो. आशु रानी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा का अधिकांश हिस्सा संस्कृत भाषा में ही निहित है। यदि हमें अपने पुरातन ज्ञान, दर्शन और वैज्ञानिक चिंतन से वाकिफ होना है, तो संस्कृत के ज्ञान को मजबूत करना ही होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूली शिक्षा में कम से कम कक्षा 10वीं तक संस्कृत का अध्ययन अनिवार्य रूप से होना चाहिए, क्योंकि संस्कृत का ज्ञान न होने के कारण आज की पीढ़ी अपनी ही ज्ञान-परंपरा की पुस्तकों को पढ़ने और उनके मूल भाव को समझने में असमर्थ साबित हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल पूजा-आराधना के स्थल नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विज्ञान के प्रमुख केंद्र हुआ करते थे। वेद, उपनिषद, वेदांग, दर्शन और संस्कृत साहित्य के माध्यम से विकसित हमारी समृद्ध परंपरा ने ही भारतीय सभ्यता को विश्व में अनूठी पहचान दी है।
कुलपति ने साझा किया कि केएमआई में वेद, उपनिषद और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों की एक समर्पित प्रयोगशाला प्रारंभ करना उनका मुख्य सपना है, जिससे विद्यार्थी केवल प्राचीन ग्रंथों को रटें नहीं, बल्कि उनमें निहित वैज्ञानिक दृष्टि और चिंतन को वर्तमान समय के संदर्भ में समझ सकें।
हिंदी को अभिव्यक्ति की भाषा बनाने की आवश्यकता
केएमआई के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने कहा कि हिंदी को केवल एक स्कूली विषय के रूप में पढ़ने के बजाय इसे अपने जीवन, विचारों और संवाद की मुख्य भाषा बनाने की आवश्यकता है। काव्यपाठ, त्वरित भाषण, निबंध, पोस्टर और श्लोक लेखन जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों की भाषायी दक्षता, उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को एक नया प्रोत्साहन मिलेगा।
स्वास्तिक हैंडराइटिंग वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्ष विनीता मित्तल ने कहा कि सुंदर और शुद्ध हस्तलेखन किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का सबसे बड़ा परिचायक होता है। इस पखवाड़े में हस्तलेखन और श्लोक लेखन को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सुंदर लेखन की संस्कृति से दोबारा जोड़ना है। पोस्टर विमोचन के इस कार्यक्रम में डॉ. वर्षा रानी, डॉ. अमित कुमार सिंह, कंचन, डॉ. मोहिनी दयाल, डॉ. रमा और डॉ. संदीप शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं का विस्तृत कार्यक्रम
काव्यपाठ प्रतियोगिता (14 सितंबर 2026): स्थान— सूर कक्ष, केएमआई, समय— दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे (प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे से शुरू)। प्रतिभागियों को अपनी स्वरचित कविता (विषय: हिंदी भाषा का महत्व एवं राष्ट्रीय चेतना) की हार्ड कॉपी डॉ. वर्षा रानी के पास जमा करनी होगी।
त्वरित भाषण प्रतियोगिता (16 सितंबर 2026): स्थान— सूर कक्ष, केएमआई, समय— दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक। भाषण पूरी तरह हिंदी में देना होगा, अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग वर्जित रहेगा। समय सीमा 3 मिनट निर्धारित है।
विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताएं: इसके तहत हिंदी निबंध लेखन (शब्द सीमा 250-300 शब्द), हिंदी पोस्टर निर्माण (संस्थान द्वारा शीट उपलब्ध कराई जाएगी) और श्लोक लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
किसी भी प्रकार की जानकारी या पंजीकरण के लिए केएमआई की ओर से समन्वयक डॉ. वर्षा रानी (मोबाइल नंबर: 9671904323) और विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए श्रुति दास (मोबाइल नंबर: 9411925524) से संपर्क किया जा सकता है।
- रायबरेली में दिशा समिति की बैठक में छाए रहे राहुल गांधी: बदहाल सड़कों की तस्वीरें दिखाकर अधिकारियों और योगी सरकार के मंत्रियों को किया हैरान - September 9, 2026
- आगरा में 12-13 सितंबर को दो दिवसीय ‘गीता सेमिनार’ का आयोजन, आमंत्रण पत्र का हुआ विमोचन, युवाओं के लिए खास संदेश - September 9, 2026
- आगरा में 13 नवंबर से सजेगा श्री कृष्ण लीला महोत्सव: इस बार कमला नगर और बल्केश्वर क्षेत्र में गूंजेगी कंस की दुहाई - September 9, 2026