राज्यसभा चुनाव: सपा से राम गोपाल और धनराज परिमल नाथवानी ने दाखिल किया नामांकन, अखिलेश यादव की मौजूदगी में भरा गया पर्चा

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लखनऊ। आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) ने अपने दोनों उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी ने अनुभवी नेता प्रो. रामगोपाल यादव और कॉरपोरेट जगत के दिग्गज चेहरे धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। बुधवार को दोनों ही प्रत्याशियों ने सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गरिमामयी उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

​कौन हैं धनराज परिमल नाथवानी?

सपा द्वारा उतारे गए दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी भारत के एक प्रमुख कॉरपोरेट लीडर और जाने-माने खेल प्रशासक हैं। वर्तमान में वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें अंबानी परिवार के बेहद करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। उनके पिता परिमल नाथवानी भी देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और राज्यसभा सांसद हैं।

​शिक्षा की बात करें तो उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। पेशेवर जिम्मेदारियों के अलावा उन्हें पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव फोटोग्राफी और वन्यजीवों (विशेषकर गुजरात के गिर के शेरों) के संरक्षण अभियानों में गहरी रुचि है और वे इनसे सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।

सपा की नई सियासी बिसात और बागी विधायकों को मौका

राज्यसभा चुनाव में अपने तीसरे प्रत्याशी की जीत को लेकर सपा ने बड़ी सियासी चाल चली है। पार्टी ने न सिर्फ अपने पाले से छिटके बागी विधायकों को वापस आने का अवसर दिया है, बल्कि उन बीजेपी विधायकों को भी खुला ऑफर दिया है जिन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट कटने का अंदेशा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सपा की ओर से यह संदेश दिया गया है कि जो विधायक इस चुनाव में साथ देगा, उसे आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट की पूरी गारंटी दी जाएगी।

16 अक्टूबर को होगा मतदान, जानिए गणित

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा की 10 रिक्त सीटों के लिए आगामी 16 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। इस चुनाव में उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित विधायक अपने मत का प्रयोग करेंगे। नियमों के मुताबिक, एक सीट जीतने के लिए न्यूनतम 37 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है।

​वर्तमान में समाजवादी पार्टी के पास कुल 95 विधायकों का मजबूत संख्या बल है। हालांकि, पिछले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में मतदान करने वाले सपा विधायक राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य की स्थिति अलग है। इनमें पूजा पाल अब आधिकारिक तौर पर बीजेपी की पदाधिकारी बन चुकी हैं, इसलिए उनका सपा के पक्ष में मतदान करने का कोई सवाल नहीं है। हालांकि, शेष विधायकों और असंतुष्टों को लेकर सपा खेमे को उम्मीद है कि वे इस बार पार्टी के पक्ष में वापसी कर सकते हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh