आगरा। समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज की साझा विरासत को पहचानकर एक मंच पर आना समय की आवश्यकता है। आपसी समरसता, शिक्षा और संगठन के बल पर ही समाज का प्रत्येक वर्ग प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। यह संदेश रविवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित ‘नमस्ते आगरा स्वर्णिम भविष्य सम्मेलन’ के अंतर्गत ‘प्रबुद्ध भारत महासंसद-2026’ में वक्ताओं ने दिया। राष्ट्रीय महाविमर्श, समालोचन एवं भावी दिशा के महा संकल्प के रूप में आयोजित महासंसद में समाज के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाज के भविष्य को लेकर विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चंदन सिंह प्रेमी, मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, विशिष्ट अतिथि विधायक भगवान सिंह कुशवाह, पूर्व अध्यक्ष सहकारी बैंक लिमिटेड गंगाधर कुशवाहा, अवर अभियंता भगवान दास मौर्य, जीएसटी कमिश्नर पंकज मौर्य, अभियोजन अधिकारी बृजमोहन कुशवाह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजकुमार कुशवाह, अशोक कुशवाह, प्रताप सिंह कुशवाह और राजकुमार कुशवाह ने दीप प्रज्वलित कर किया। राष्ट्रीय संयोजक राम सजीवन मौर्य ने समाज वंदना को स्वर दिए। रूबी शाक्य ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया।
महासंसद का संचालन करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव रत्न मौर्य ने विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने कहा कि कुशवाहा, शाक्य और सैनी एक ही सामाजिक विरासत के अंग हैं। समाज को जातीय और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। संगठन और समरसता के माध्यम से ही शिक्षा, व्यापार, राजनीति, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।
कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी चंदन सिंह प्रेमी ने कहा कि समाज का उत्थान केवल नारों से नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार, चरित्र निर्माण और सेवा के संकल्प से होगा। महापुरुषों के विचारों को जीवन में उतारकर नई पीढ़ी को सही दिशा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं और युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर देकर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना होगा। संगठित समाज ही अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य के बल पर नई पहचान बना सकता है।
विशिष्ट अतिथि विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने कहा कि समाज की एकता, शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आना चाहिए।
प्रसिद्ध यूट्यूबर एवं मोटिवेटर बाबा अंशु मौर्य ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच भी है। युवाओं को सोशल मीडिया का उपयोग अपनी प्रतिभा निखारने, समाज को जागरूक करने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए करना चाहिए।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. हीरा लाल ने अपने विचार रखते हुए शिक्षा, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना चाहिए।
चार पुस्तकों का हुआ विमोचन
महासंसद के दौरान गया प्रसाद मौर्य रजत, सदस्य उच्च सदन एवं मौर्य बंधुत्व क्लब की चार पुस्तकों ‘सजल काव्यधारा’, ‘निठल्ला चिंतन’, ‘लोकदंड लहरी’ और ‘कवि बोलेगा खरी-खरी’ का अतिथियों ने विमोचन किया। इस अवसर पर साहित्य और समाज के संबंधों पर भी चर्चा हुई। कवि धनंजय कुशवाह, दीपशिखा, रवि कुशवाह और विक्रांत कुशवाह ने काव्य पाठ कर अपनी रचनाओं से श्रोताओं को प्रभावित किया।
समाज के लिए योगदान देने वाली विभूतियां सम्मानित
समाज को उत्थान की राह दिखाने वाले बाबूजी दौलत राम कुशवाह, मुन्नालाल कुशवाह और मेघ सिंह कुशवाह को मरणोपरांत सम्मान उनके परिजनों को प्रदान किया गया। इसके साथ ही अपने उत्कृष्ट कार्यों और सामाजिक योगदान के लिए खुशहाल सिंह कुशवाह, स्वामी पंडित चंदन सिंह प्रेमी, रामकृष्ण शाक्य, संतोष कुशवाह, जतिन कुशवाह, रीना सिंह कुशवाह, कुशवाह युवा मंच, मोहन कुशवाह, सेठ ताराचंद कुशवाह, डॉ. एलआर मौर्य ‘पल्लव’, सुरेंद्र पाल सिंह, रूबी कुशवाहा, साइकिल गर्ल अर्पण सिंह (बिहार), छोटेलाल सिंह कुशवाह (बिहार), प्रदीप सिंह (बिहार), डॉ. दिनेश पटेल और सनी को सम्मानित किया गया।
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