लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मानसून अपने पूरे उफान और प्रचंड रूप में है। राज्य के विभिन्न अंचलों से लगातार मूसलाधार बारिश, गंभीर जलभराव और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के तांडव से भारी नुकसान व जनजीवन के अस्त-व्यस्त होने की चिंताजनक खबरें मिल रही हैं। सबसे हृदयविदारक घटना अवध क्षेत्र से सामने आई है, जहां प्रलयकारी बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की चपेट में आने से चार लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। इस आकस्मिक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम और दशहत का माहौल व्याप्त है।
बिगड़ते हालात की गंभीरता को भांपते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अति-भारी बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज व रेड अलर्ट घोषित किया है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित जिलों के अंतर्गत कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों को आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे बच्चों को अपने घरों के भीतर ही सुरक्षित रखें।
राजधानी लखनऊ में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है। शहर के मध्य से बहने वाली गोमती नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, जिससे इसके तटीय इलाकों पर बाढ़ का गंभीर संकट मंडराने लगा है। लखनऊ के प्रमुख हिस्सों जैसे गोमती नगर एक्सटेंशन, पुराना लखनऊ, मरीन ड्राइव और तमाम निचले इलाकों की सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है। सड़कों पर दरिया जैसा पानी भरने के कारण वाहनों के पहिए थम गए हैं। कई जगहों पर गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद पड़ गईं, जिसके परिणामस्वरूप शहर में भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और दफ्तर-कार्यों के लिए निकले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी वर्षा और जलजमाव का सबसे प्रतिकूल प्रभाव विद्युत व्यवस्था पर पड़ा है, जिसके चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। कई मुख्य विद्युत सब-स्टेशनों और निचले आवासीय क्षेत्रों में पानी भर जाने के कारण सुरक्षा के एहतियात के तौर पर मुख्य बिजली यूनिटों को बंद करना पड़ा। इस तकनीकी बाधा की वजह से प्रदेश के कई बड़े शहरी व ग्रामीण इलाकों में घंटों से बिजली गुल है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल निकासी का कार्य पूरा होने के बाद ही सप्लाई सामान्य की जा सकेगी। फिलहाल, बिजली विभाग की तकनीकी टीमें खराब मौसम के बीच भी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आगामी 24 घंटे इन 21 चिन्हित जिलों के लिए अत्यधिक संवेदनशील रहने वाले हैं। इस दौरान तेज गर्जना, बादलों की आवाजाही के साथ वज्रपात और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की पूरी आशंका है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और स्थानीय प्रशासन की टीमें चप्पे-चप्पे पर स्थिति की निगरानी कर रही हैं। सड़कों से पानी की निकासी के लिए युद्धस्तर पर पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला मुख्यालयों पर विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए गए हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि खराब मौसम के दौरान बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। बारिश या बिजली कड़कने की स्थिति में किसी भी पेड़, जर्जर इमारत या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें। सतर्कता बरतें और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
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