लखनऊ: दिवाली के त्योहार से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने राज्य के 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में ₹174.25 से लेकर ₹238.39 तक की मासिक बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस संबंध में श्रम विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा शासनादेश जारी कर संशोधित दरों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर तय हुई नई दरें
श्रम विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी की दरों में यह संशोधन जनवरी से जून 2026 की अवधि के दौरान दर्ज अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत (431 अंक) के आधार पर परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) को जोड़कर किया गया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर से श्रमिकों को राहत दिलाना और उनका जीवन स्तर बेहतर बनाना है।
गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा फायदा
औद्योगिक केंद्र होने के कारण गौतमबुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) और गाजियाबाद के श्रमिकों को इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक लाभ मिलेगा:
अकुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹13,690 से बढ़ाकर ₹13,883.59 (₹193.59 का अतिरिक्त लाभ)।
अर्द्धकुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹15,059 से बढ़ाकर ₹15,271.41 (₹212.41 का अतिरिक्त लाभ)।
कुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹16,868 से बढ़ाकर ₹17,106.39 (₹238.39 का अतिरिक्त लाभ)।
नगर निगम वाले जनपदों (जैसे आगरा, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ आदि) में दरें
प्रदेश के सभी नगर निगम क्षेत्रों में आने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी इस प्रकार निर्धारित की गई है:
अकुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹13,006 से बढ़ाकर ₹13,189.68 की गई।
अर्द्धकुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹14,306 से बढ़ाकर ₹14,507.46 की गई।
कुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹16,025 से बढ़ाकर ₹16,250.86 की गई।
प्रदेश के शेष अन्य जनपदों में संशोधित मजदूरी
नगर निगम क्षेत्रों के अलावा प्रदेश के बाकी अन्य जनपदों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं:
अकुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹12,356 से बढ़ाकर ₹12,530.25 तय की गई।
अर्द्धकुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹13,590 से बढ़ाकर ₹13,782.30 तय की गई।
कुशल श्रमिक: न्यूनतम मासिक मजदूरी ₹15,224 से बढ़ाकर ₹15,438.42 तय की गई।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी औद्योगिक इकाइयों और ठेकेदारों को इन संशोधित दरों के अनुसार ही श्रमिकों को भुगतान करना होगा। दिवाली से ठीक पहले हुए इस ऐलान से प्रदेश के औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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