आगरा। कुछ साल पहले तक दिगनेर का आयुष्मान आरोग्य मंदिर किसी स्वास्थ्य केंद्र जैसा बिल्कुल नहीं दिखता था। कमरे के भीतर घास उगी हुई थी, कोनों में कीड़े-मकोड़े थे और आसपास के लोगों के लिए यह जगह नशेड़ियों का अड्डा बन चुकी थी। इलाज के लिए कोई यहाँ आने की कल्पना भी नहीं करता था।
लेकिन आज वही जगह दिगनेर और आसपास के हजारों लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुकी है। गर्भवती महिलाओं की जांच हो, बच्चों का टीकाकरण या बुजुर्गों की देखभाल लोग अब अपने ही गांव में स्वास्थ्य सेवाएं पा रहे हैं।
इस बदलाव की कहानी एक महिला के संकल्प से शुरू होती है सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) प्रियंका वर्मा।
जब हालात ने चुनौती दी, तब संकल्प ने रास्ता बनाया
प्रियंका वर्मा ने वर्ष 2020 में जब दिगनेर आयुष्मान आरोग्य मंदिर का कार्यभार संभाला, तो स्थिति बेहद खराब थी। वह बताती हैं, “पहली बार जब केंद्र देखा तो लगा कि यहाँ से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन मन में यही था कि अगर हम कोशिश करें तो इसे बदला जा सकता है।” न बिजली, न बैठने की व्यवस्था और न ही साफ-सफाई। लेकिन प्रियंका ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय समुदाय का सहयोग लिया।
नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित पांडे, जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक डॉ. विजय सिंह, एएनएम ज्योत्सना और ग्राम प्रधान हरेंद्र तोमर के सहयोग से केंद्र को व्यवस्थित किया गया।
जब गांव को मिला अपने ही गांव में इलाज-
पहले दिगनेर के लोगों को छोटी-सी स्वास्थ्य सेवा के लिए भी 6 किलोमीटर दूर बरौली अहीर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता था। प्रियंका और उनकी टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों को बताया कि अब इलाज उनके अपने गांव में ही उपलब्ध है। जन आरोग्य समिति और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से जागरूकता अभियान शुरू किया गया।
धीरे-धीरे लोग आने लगे और विश्वास लौटने लगा
आज यह आयुष्मान आरोग्य मंदिर लगभग 6700 की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहा है। यहाँ पाँच आशा कार्यकर्ता, एक आशा संगिनी, एक एएनएम प्रियंका के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
केंद्र पर 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं, 14 तरह की जांच और 84 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। यहाँ गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का नियमित टीकाकरण, बुजुर्गों की देखभाल, परिवार नियोजन सेवाएं, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और निक्षय दिवस जैसी पहलें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं।
मेहनत का मिला बड़ा सम्मान
प्रियंका और उनकी टीम की मेहनत का असर जल्द ही दिखाई देने लगा। दिगनेर आयुष्मान आरोग्य मंदिर को दो बार कायाकल्प अवार्ड मिला और वर्ष 2023 में यह आगरा मंडल का पहला आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना जिसे एनक्वास (NQAS) प्रमाणन प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि से पूरे जिले को प्रेरणा मिली और वर्ष 2025 तक आगरा जिले की 21 स्वास्थ्य इकाइयों ने एनक्वास प्रमाणन हासिल कर लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव कहते हैं “प्रियंका वर्मा की लगन और नेतृत्व ने यह साबित किया है कि अगर कोई ठान ले तो स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदली जा सकती है। उनकी पहल से पूरे जिले को नई प्रेरणा मिली है।” एक महिला का संकल्प, पूरे समाज की प्रेरणा- आज दिगनेर का आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल एक स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि बदलाव और विश्वास की कहानी बन चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रियंका वर्मा की यह यात्रा बताती है कि एक महिला का साहस और समर्पण पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने न केवल एक उपेक्षित केंद्र को आदर्श स्वास्थ्य इकाई में बदला, बल्कि यह भी दिखाया कि जब एक महिला ठान ले, तो वह चुनौतियों को अवसर में बदल सकती है।
दिगनेर आयुष्मान आरोग्य मंदिर की उपलब्धियां
• वर्ष 2020 में प्रियंका वर्मा ने संभाला कार्यभार
• 6700 की आबादी को मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं
• 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
• 14 प्रकार की जांच की सुविधा
• 84 प्रकार की दवाएं उपलब्ध
• दो बार कायाकल्प अवार्ड
• वर्ष 2023 में आगरा मंडल का पहला NQAS प्रमाणित आयुष्मान आरोग्य मंदिर
- ताजनगरी में ‘स्व-पहचान’ की जंग: आगरा में किन्नरों का उग्र प्रदर्शन, बोले- मेडिकल टेस्ट के नाम पर अपमान मंजूर नहीं - March 30, 2026
- ट्रांसजेंडर अमेंडमेंट बिल पर बवाल: ‘क्या अब कपड़े उतारकर जेंडर साबित करना होगा?’, प्रदर्शनकारियों ने उठाए गंभीर सवाल - March 30, 2026
- बीटेक-एमटेक के बाद अब प्रशासनिक सेवा: आगरा की काव्या सिंह ने पहले ही प्रयास में पूरा किया अफसर बनने का सपना - March 30, 2026