यूपी विजिलेंस का बड़ा एक्शन: आगरा में 10 हजार की घूस लेते बिजली विभाग के जेई और ठेकेदार गिरफ्तार

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आगरा/बांदा। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यूपी विजिलेंस ने सोमवार को दो अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के खेल का पर्दाफाश किया है। आगरा के शमसाबाद क्षेत्र में जहां नया बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 10 हजार रुपये की घूस लेते बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) और एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया, वहीं बांदा जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक जेई को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा गया। इस तरह दो जिलों में हुई दो अलग-अलग छापों की कार्रवाई में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

​आगरा के शमसाबाद में नया बिजली कनेक्शन देने के एवज में मांगी थी घूस

रिश्वतखोरी का यह मामला आगरा जिले के शमसाबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला टोला का है। स्थानीय निवासी अर्जुन ने हाल ही में नया मकान बनवाया था, जिसमें बिजली आपूर्ति शुरू कराने के लिए उन्होंने गत 24 अक्टूबर को नए बिजली कनेक्शन के वास्ते आधिकारिक आवेदन किया था। आवेदन के बाद जब विभागीय प्रक्रिया के तहत मौके पर निरीक्षण हुआ और शिकायतकर्ता ने कनेक्शन की प्रगति के बारे में जानकारी चाही, तो कर्मचारियों ने उन्हें अवर अभियंता (जेई) विनेश यादव से मिलने की सलाह दी।

​जब अर्जुन ने जेई विनेश यादव से संपर्क किया, तो आरोप है कि कनेक्शन पास कराने और फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। सरकारी प्रक्रिया के बावजूद घूस मांगे जाने से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने सीधे यूपी विजिलेंस से संपर्क कर पूरे मामले की गोपनीय शिकायत दर्ज कराई।

​विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथ दबोचे गए दोनों

​शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले का सत्यापन किया और सोमवार को सुनियोजित तरीके से ट्रैप की योजना बनाई। निर्धारित योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने जेई द्वारा तय की गई 10 हजार रुपये की रकम पहुंचाई, पहले से मुस्तैद विजिलेंस टीम ने मौके पर ही जेई विनेश यादव और ठेकेदार लोकेंद्र सिंह को धर दबोचा। इस कार्रवाई से बिजली विभाग के अन्य कर्मियों में भी हड़कंप मच गया।

बांदा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का जेई एक लाख रुपये लेते गिरफ्तार

​उधर, विजिलेंस की झांसी सेक्टर टीम ने बांदा जिले में एक अन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में तैनात जेई सलमान को एक क्रेशर प्लांट संचालक से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

​आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 18 जून को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में अनुमति और प्रमाणपत्र के सिलसिले में संपर्क किया था। इस दौरान प्लांट को लेकर जारी नोटिस पर कोई कार्रवाई न करने की एवज में जेई सलमान ने एक लाख रुपये की मांग की थी।

शिकायतकर्ता द्वारा रकम अधिक होने की गुहार लगाने पर भी आरोपी अपनी बात पर अड़ा रहा। गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर झांसी सेक्टर की ट्रैप टीम ने जाल बिछाकर जेई सलमान को एक लाख रुपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ झांसी सेक्टर के सतर्कता अधिष्ठान थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

Dr. Bhanu Pratap Singh