आगरा: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर जनपद आगरा में टीबी (क्षय रोग) के मरीजों के लिए एक विशेष पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कुल 100 टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार से भरपूर पोषण पोटलियां वितरित की गईं। यह पोषण सहयोग यूएनएम फाउंडेशन (टॉरेंट ग्रुप, आगरा) द्वारा उपलब्ध कराया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों को बेहतर पोषण प्रदान करना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रक्रिया को गति देना है।
इस पहल के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, आपसी सहयोग व सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया गया है।
सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है टीबी का खात्मा: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि जिले में टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता की जांच, निःशुल्क उपचार, नियमित दवाइयां, पौष्टिक आहार और आवश्यक परामर्श देना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और तमाम सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे आगे आएं और टीबी मरीजों को गोद लेकर अथवा उन्हें पोषण पोटली प्रदान कर उनके उपचार में अपना बहुमूल्य सहयोग दें।
टीबी का उपचार पूरी तरह संभव: डॉ. सुखेश गुप्ता
जिला क्षय रोग अधिकारी (DTO) डॉ. सुखेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि टीबी की बीमारी का इलाज पूरी तरह संभव है। आवश्यकता इस बात की है कि मरीज नियमित रूप से अपनी दवाएं लें, पौष्टिक आहार का सेवन करें और उनके परिवार व समाज के लोग उन्हें भरपूर भावनात्मक संबल प्रदान करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीबी के खिलाफ यह जंग केवल अकेले स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की एक सामूहिक जिम्मेदारी है।
लक्षण दिखने पर बिल्कुल न करें लापरवाही
डॉ. सुखेश गुप्ता ने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से लगातार खांसी, हल्का बुखार, वजन में लगातार कमी, रात के समय पसीना आना या भूख न लगने जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे बिना किसी देरी के अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर तुरंत जांच कराएं।
टीबी की पहचान और उसके उपचार में बिल्कुल भी विलंब नहीं करना चाहिए तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाइयों का पूरा कोर्स करना चाहिए। ‘टीबी हारेगा, आगरा जीतेगा’ के संकल्प के साथ आइए मिलकर अपने शहर को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाएं।
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