आगरा के शास्त्रीपुरम में कूड़ा गाड़ियां पहुंचने पर बवाल: स्थानीय निवासियों ने बुलाई बैठक, चार दिन का अल्टीमेटम

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आगरा: माननीय न्यायालय के एक सख्त आदेश के अनुपालन के बाद ककरैठा से खाली कराई गई नगर निगम की सैकड़ों कूड़ा गाड़ियों का काफिला सीधे ताजनगरी के पॉश और घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र ‘शास्त्रीपुरम’ में पहुंच गया है। निगम के इस कदम से स्थानीय नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है।

क्षेत्र की साफ-सुथरी स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण और वहां की सुंदर हरियाली के नष्ट होने के आसन्न खतरे को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को शास्त्रीपुरम के स्थानीय निवासियों ने विश्वनाथ मंदिर परिसर में एक आपातकालीन बैठक का आयोजन किया।

बैठक के दौरान क्षेत्र के नागरिकों ने कड़ा निर्णय लेते हुए यह घोषणा की कि यदि अगले चार दिनों के भीतर शास्त्रीपुरम क्षेत्र से निगम की ये कूड़ा गाड़ियां और वहां बनाई गई अवैध झोपड़ियां नहीं हटाई गईं, तो वे सड़कों पर उतरकर एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

​स्थानीय लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समस्या के समाधान के संबंध में शास्त्रीपुरम के निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल कुछ दिन पूर्व आगरा के नगरायुक्त से भी मुलाकात कर चुका है। उस मुलाकात के दौरान नगरायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया था कि चार दिनों के भीतर इन वाहनों और कर्मचारियों को वहां से हटा लिया जाएगा।

​इसके बावजूद क्षेत्र के नागरिकों ने भारी संख्या में इन वाहनों के आवागमन से पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका यह भी कहना है कि इस भारी अमले के डेरा डालने से इस आवासीय इलाके में गंभीर ट्रैफिक जाम और यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराने की आशंका पैदा हो गई है।

​इस विरोध प्रदर्शन और बैठक के दौरान अनिल दीक्षित, जितेंद्र प्रताप सिंह सेंगर, ओमप्रकाश शर्मा जी, डॉ. ऊदल सिंह लोधी, रवींद्र डागोर, अवधेश गौतम, सौरव अग्रवाल और श्याम सुंदर वर्मा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




Dr. Bhanu Pratap Singh