अयोध्या में पीएम मोदी को चाय पिलाने वाली मीरा मांझी का परिवार पाई-पाई को मोहताज; तंगहाली की खबर पर पहुंचे सपा नेता, की आर्थिक मदद

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अयोध्या: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चाय पीने की तस्वीर और वीडियो से देश भर में सुर्खियों में आईं अयोध्या की मीरा मांझी का परिवार आज कड़े आर्थिक संकट और बदहाली के दौर से गुजर रहा है। कभी प्रधानमंत्री के आगमन से रोशन हुआ उनका घर आज रोजगार के अभाव, सरकारी कर्ज की भारी किस्तों और तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण के संघर्ष के बीच बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मीरा मांझी के घर पहुंचकर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की है और सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं।

प्रधानमंत्री के दौरे के बाद चर्चा में आई थीं मीरा मांझी

उल्लेखनीय है कि 30 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या दौरे के दौरान उज्ज्वला योजना की लाभार्थी मीरा मांझी के घर अचानक पहुंचे थे। प्रधानमंत्री ने उनके घर बैठकर चाय पी थी और परिवार से संवाद किया था। उस दौरान प्रधानमंत्री के घर के भीतर होने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाहर दरवाजे पर खड़े रहने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया व मुख्यधारा के मीडिया में खूब वायरल हुए थे। इस मुलाकात के बाद मीरा मांझी का परिवार रातों-रात राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया था।

पाई-पाई को मोहताज परिवार, कर्ज चुकाने का संकट

​तमाम चर्चाओं और प्रशासनिक मुलाकातों के बावजूद आज हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। मीरा मांझी का परिवार भीषण आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बड़ी मुश्किल से दौड़-भाग करके जुटाए गए सरकारी कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए परिवार के पास पैसे नहीं हैं। रोजगार का कोई स्थायी साधन न होने के कारण परिवार के सामने तीन छोटे बच्चों के भरण-पोषण और सिर पर मंडरा रहे कर्ज के जाल से निकलने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

​सपा नेता पवन पांडे पहुंचे मदद को, सरकार पर साधा निशाना

​मीरा मांझी के परिवार की बदहाली की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे उनके घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और फौरी राहत के तौर पर 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। इसके साथ ही उन्होंने एक सप्ताह के भीतर परिवार का तीन लाख रुपये का कर्ज अपने माध्यम से जमा कराने का भी वादा किया।

​इस दौरान सपा नेताओं ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। पवन पांडे ने कहा कि “किसी गरीब परिवार के घर जाकर चाय पीना और उस मुलाकात का राजनीतिक प्रचार करना ही काफी नहीं है। सरकार को यह भी देखना चाहिए कि उस मुलाकात के बाद उस परिवार की जिंदगी में क्या बदलाव आया और क्या वे आज सम्मान के साथ अपना जीवनयापन कर पा रहे हैं।”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा विज्ञापनों और प्रचार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के साथ चाय पीने वाली मीरा मांझी के तीन लाख रुपये के कर्ज का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। इस राजनीतिक हलचल के बाद एक बार फिर यह मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh