लखनऊ। उत्तरप्रदेश चुनाव के लिए जारी किए गए भाजपा के संकल्प पत्र में अगले पांच वर्षों में एक परिवार को कम से कम एक रोजगार देने को लेकर योगी सरकार प्रदेश भर के लोगों के सामाजिक और आर्थिक स्थिति की स्थिति के सटीक आकलन के लिए परिवार कार्ड बनाने जा रही है। यह कार्ड आधार से लिंक होगा।
एक परिवार को कम से कम एक रोजगार की दिशा में यह कार्ड बड़ा कदम साबित होगा। परिवार कार्ड बनने तक राशन कार्ड को ही आधार माना जाएगा। सरकार विभिन्न योजनाओं और रिक्त पदों पर भर्ती करके इसे पूरा करने में जुटी हुई है। इसके लिए सरकार को प्रदेश में सभी परिवारों की सामाजिक और रोजगार संबंधी स्थिति की जानकारी आवश्यक है।
कार्ड में परिवार के बारे में सभी जानकारियां दर्ज
योगी सरकार इसके लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार सभी परिवारों का कार्ड बनाने जा रही है। इस कार्ड में परिवार के बारे में सभी जानकारियां दर्ज होंगी। परिवार में कितने सदस्य हैं, उनकी उम्र कितनी है, कौन-कौन नौकरी करता है या रोजगार से जुड़ा हुआ है, यह सभी जानकारियां दर्ज होंगी। परिवार कार्ड को आधार से लिंक किया जाएगा।
जब तक कार्ड नहीं तब तक राशन कार्ड ही आधार
इस आधार पर सरकार के पास सटीक जानकारी होगी कि किन परिवारों में एक भी व्यक्ति रोजगार से नहीं जुड़ा हुआ है। परिवार की सामाजिक स्थिति क्या है। इस आधार पर सरकार अपनी विभिन्न रोजगार योजनाओं से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराएगी। यह योगी सरकार का बड़ा कदम साबित होगा। जब तक लोगों का परिवार कार्ड नहीं बन जाता है तब राशन कार्ड को ही आधार माना जाएगा।
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