अजमेर: केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रचार-प्रसार के लिए अजमेर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल अपने एक अजीबोगरीब बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं।
शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान आवारा पशुओं की समस्या पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि में मशीनीकरण के कारण अब बैल ‘यूजलेस’ (अनुपयोगी) हो गए हैं, इसलिए सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी कि भविष्य में ‘नंदी महाराज’ पैदा ही न हों।
क्या है पूरा विवाद?
मंत्री बघेल ने तर्क दिया कि सड़कों पर बढ़ती आवारा सांडों की तादाद का मुख्य कारण उनका आर्थिक रूप से उपयोगी न होना है। उन्होंने कहा कि सरकार अब ‘सेक्स सॉर्टेड सीमेन’ (Sex Sorted Semen) तकनीक को बढ़ावा देगी, जिससे केवल बछिया ही पैदा होंगी। उनके इस बयान पर जब पत्रकारों ने आपत्ति जताई और धार्मिक भावनाओं का हवाला दिया, तो मंत्री जी तुरंत बचाव की मुद्रा में आ गए।
सवाल उठने पर दी सफाई
पत्रकारों के तीखे सवालों के बाद सफाई देते हुए एसपी सिंह बघेल ने कहा कि उनके कहने का अर्थ यह था कि प्रजनन और नस्ल सुधार के लिए केवल 10 प्रतिशत नंदी ही काफी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य सड़कों पर लावारिस घूम रहे सांडों की संख्या को कम करना और किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहित करना है। फिलहाल, उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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