पटना। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक गर्ल्स हॉस्टल में बिहार की नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए इसे केवल एक राज्य तक सीमित अपराध मानने से इनकार किया है। उन्होंने इसे सामाजिक और प्रशासनिक विफलता का उदाहरण बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। तेज प्रताप ने आशंका जताई कि स्थानीय स्तर पर जांच से पूरे सच के सामने आने में बाधा आ सकती है, इसलिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की देखरेख में जांच कराई जाए।
“बिहार की बेटी की हत्या ने समाज को झकझोर दिया”
तेज प्रताप यादव ने अपने पत्र में लिखा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और पीड़िता बिहार की बेटी थी। उन्होंने कहा कि उसकी हत्या ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मृतका के माता-पिता उनसे मिलने उनके आवास पर पहुंचे और अपनी पीड़ा साझा की।
1 फरवरी 2025 की घटना का जिक्र
तेज प्रताप यादव ने पत्र में लिखा कि 1 फरवरी 2025 को वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र में बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा स्नेहा सिंह कुशवाहा के साथ कथित रूप से दुष्कर्म कर क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
सीएम योगी को याद दिलाया चुनावी वादा
तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में यह भी उल्लेख किया कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले रोहतास जिले के एक चुनावी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंच से कहा था कि पीड़ित बेटी को न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने के लिए पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिलना जरूरी है।
परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया
जानकारी के मुताबिक, मृतका का शव वाराणसी के गर्ल्स हॉस्टल में फंदे से लटका हुआ मिला था। हालांकि परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों ने हॉस्टल संचालक पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और लगातार जांच की मांग कर रहे हैं।
घटना को एक वर्ष बीतने के बाद भी न्याय न मिलने से निराश परिजनों ने तेज प्रताप यादव से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई। अब तेज प्रताप यादव द्वारा शीर्ष नेताओं को पत्र लिखे जाने के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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