नई दिल्ली। संसद के चालू बजट सत्र का आज आठवें दिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कन्नौज से लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि चांद पर पहुंचने से क्या फायदा जब जमीन की समस्याएं आपको नहीं दिखतीं। उन्होंने कहा कि वो ड्रोन कहां हैं? डिजिटल इंडिया बोलने वाले डिजिट नहीं दे पा रहे कि कितने लोग मरे और कितने लोग खो गए हैं? क्या यही विकसित भारत की तस्वीर होगी जिसमें आप ट्रैफिक मैनेज नहीं कर पा रहे।
उन्होंने कहा कि एक अखबार में फ्रंट पेज पर एक विज्ञापन था जिसमें एक जानवर जेल के अंदर है। उसी दिन सरकार को जगाने के लिए लिखा कि डिजिटल इंडिया करते करते साइबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट और लूट कितनी बढ़ गई है। जो विज्ञापन दिया, भारतीय रिजर्व बैंक से सवाल है कि किसको चित्रित कर रहे हैं? क्या ये कोई प्रतीकात्मक चित्रण है?
अखिलेश ने कहा कि यदि हां तो वह जानवर किसकी जिम्मेदारी है? जनता इसके लिए मानहानि का दावा भी कर सकती है। आरबीआई ऐसा दिखाना चाह रहा है तो आरबीआई का ये रवैया घोर निंदनीय है। आरबीआई ऐसे विज्ञापनों से नहीं, अपने सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त करे। डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से लाखो-लाख नहीं लूटा जा रहा. उसके लिए कौन जिम्मेदार है। जो बजट दिया है, उसमें जो निकल के आ रहा है। पीडीए के लिए कुछ भी नहीं है। जो लोग अपनी जीडीपी की कितनी कहानियां बताते थे। क्यों कम होती जा रही है?
उन्होंने कहा कि आज अगर हम 87 रुपये लेकर ही एक डॉलर ले सकते हैं। कभी डॉलर के नीचे रुपये के गिरने की कहानी किसी से जोड़ दी गई थी। ये देश के आर्थिक विकास की स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। खाई कितनी है, इनके आंकड़े बता रहे हैं। मुट्ठीभर लोगों के पास पूरे देश की संपदा पहुंच गई। 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन बांटना पड़ रहा है। जिन परिवारों को आप राशन दे रहे हैं, उन परिवारों की पर कैपिटा इनकम क्या है? सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि जो 80 करोड़ लोग राशन पा रहे हैं, उनकी पर कैपिटा इनकम क्या है? एक बहुत प्रिय काम सरकार का है, नाम बदलकर इज्जत घर कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ में एक बुजुर्ग मां ने बकरी बेचकर शौचालय बनाया और पीएम ने उनका सम्मान किया। सवाल है कि बकरी उसे क्यों बेचनी पड़ गई? आपकी स्कीम जमीन पर नहीं पहुंच रही है। ये सरकार की जिम्मेदारी है। जो शौचालय बनाए हैं, किसी में पानी नहीं पहुंचता। डबल इंजन बहुत सुनते थे। इस बजट में दो इंजन और बढ़ गए हैं। चार इंजन वाला बजट है। लगता है कि एक के बाद एक इंजन खराब हो गया होगा इसलिए चार इंजन लगाने पड़ रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि ये सरकार जनता को धोखा दे रही है। यूपी में डबल इंजन की सरकार डबल ब्लंडर कर रही है। पहला इंजन किसान और कृषि का है। आजतक किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। कई किसान नेता आंदोलन कर रहे हैं। इस सरकार के पास जो विकसित भारत का सपना दिखा रही है, किसानों की आय दोगुनी करने का रो़डमैप नहीं है। हजारों किसानों की जान चली गई लेकिन एमएसपी की गारंटी नहीं मिल रही है।
-साभार सहित
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