हमने भारत के साथ किए गए शांति समझौते का किया उल्लंघन, यह हमारी गलती थी। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री वाज शरीफ ने 25 वर्ष बाद अपनी इस गलती का इजहार किया है।
नवाज शरीफ ने मंगलवार को पहली बार पाकिस्तान की धोखेबाजी को स्वीकार करते हुए कहा कि उनके देश ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ किए गए समझौते का उल्लंघन किया था। नवाज शरीफ का इशारा 1999 में हुए करगिल युद्ध की ओर था, जब सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व में पाकिस्तान की सेना ने भारतीय इलाकों पर कब्जा करने की कोशिश की थी।
शरीफ ने पीएमएल-एन की बैठक में कहा कि पाकिस्तान ने 28 मई 1998 को पांच परमाणु परीक्षण किए। उसके बाद वाजपेयी साहब यहां आए और हमारे साथ एक समझौता किया। लेकिन हमने उस समझौते का उल्लंघन किया…यह हमारी गलती थी।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें परमाणु कार्यक्रम रोकने के लिए पांच बिलियन डॉलर की पेशकश की थी। मैंने यह पेशकश ठुकरा दी थी।
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