लखनऊ। यूपी सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को भारी राहत देते हुए ‘यूपी फ्री बोरिंग योजना’ की शुरुआत की है जिसके तहत छोटे किसानों के 5,000 रूपये अनुदान दिया जाएगा।
सामान्य एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लघु एवं सीमांत कृषको को सिंचाई के लिए बोरिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी. हालांकि इस बोरिंग के लिए पंपसेट की व्यवस्था किसान खुद करेंगे। इसके लिए वो बैंक से लोन भी ले सकते हैं।
इस योजना का लाभ वो ही किसान ले सकते हैं जिनके पास न्यूनतम जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर हो. ये योजना खेत की गुणवत्ता बढ़ाने में भी कारगर साबित होगी। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से किसानों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
फ्री बोरिंग योजना के लाभ
इस योजना का लाभ लघु एवं सीमांत किसानों को मिलेगा।
योजना के तहत लघु किसानों को 5,000 रूपये अनुदान दिया जाएगा।
इसके साथ ही सीमान्त किसानों को 7,000 रूपये अनुदान दिया जाएगा।
एससी/एसटी वर्ग के किसानों को करीब 10,000 रूपये अनुदान दिया जाएगा।
फ्री बोरिंग योजना के आवेदन हेतु पात्रता
इस योजना का लाभ यूपी का स्थायी नागरिक ही ले सकता है.
यूपी राज्य के लघु एवं सीमान्त वर्ग के सभी किसान आवेदन हेतु पात्र होंगे।
सामान्य जाति, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसान आवेदन हेतु पात्र होंगे।
सामान्य वर्ग के वो किसान जिनके पास 0.2 हेक्टेयर या इससे अधिक कृषि योग्य भूमि है, वो भी योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए कोई जोत सीमा निर्धारित नहीं है।
फ्री बोरिंग योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदक का आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाता पासबुक, जाति प्रमाण पत्र, भूमि संबंधित दस्तावेज, आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर।
-एजेंसी
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