Ayodhya, Uttar Pradesh, India. अयोध्या के रामकथा पार्क में दीपावली के अवसर पर आयोजित ‘दीपोत्सव-2020’ कार्यक्रम मिसाल बन गया। इस वर्ष दीपोत्सव-2020 में 05 लाख 51 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए गए। अगले वर्ष 07 लाख 51 हजार दीये प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भव्य सजावट की गई। ऐसा लगा कि अयोध्या में त्रेता युग उतर आया है। श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के शिलान्यास के बाद यह पहला दीपोत्सव था। यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से वर्चुअल दीपोत्सव www.virtualdeepotsav.com पोर्टल को लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने डाक विभाग एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के विशेष कवर का अनावरण किया। इस अवसर पर अयोध्या के विकास पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। रामकथा पार्क में हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के प्रतीक स्वरूपों का अवतरण हुआ हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिससे उपस्थित जनसमुदाय आनन्दित हुआ। इस अवसर पर सम्पूर्ण वातावरण श्रीराम की जयघोष से गूंज उठा।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- राज्य सरकार ने राम की पैड़ी को अविरल और निर्मल बनाने का कार्य किया है। साथ ही, राम की पैड़ी का विस्तार भी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से 05 शताब्दी की लम्बी अवधि के उपरान्त प्रभु श्रीराम के भव्य मन्दिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने भगवान श्रीराम मन्दिर के निर्माण हेतु प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। प्रदेश में रामायण, कृष्ण सहित विभिन्न आध्यात्मिक सर्किटों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में पंचकोसी, चौदहकोसी और चौरासीकोसी परिक्रमा के लिए मार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि कोरोना का खतरा नहीं होता, तो यह कार्यक्रम और भी व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाता। कोरोना काल में भी लोगों की सेवा के साथ-साथ विकास की प्रक्रिया को जारी रखा गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 का यह उत्सव ऐसे समय आया है, जब पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोविड-19 के विरुद्ध जंग लड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में पूरा देश कोरोना से मजबूती से लड़ रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश-दुनिया सत्य, धर्म व न्याय की विजय के रूप में दीपोत्सव को मनाती है। वर्तमान में केन्द्र व प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी को योजनाओं का लाभ देने का कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से दीपोत्सव कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पादित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्य करने की दृष्टि होनी चाहिए। प्रधानमंत्री में स्पष्ट दृष्टि है और उनमें सही निर्णय लेने की क्षमता है। प्रधानमंत्री जी जो कहते हैं, वह करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने काशी, अयोध्या व प्रयागराज को वैश्विक पहचान दिलायी है। अयोध्या को दुनिया की सबसे उत्कृष्ट नगरी में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, अयोध्या पूर्णता की ओर अग्रसर है। भगवान श्रीराम के नाम पर अयोध्या में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में अयोध्या को वैदिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। भगवान श्रीराम जहां-जहां गए थे, उन स्थलों को विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, तुलसीदास जी की जन्मस्थली लालापुर का पर्यटन की दृष्टि से विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने शौचालयों का निर्माण कर नारी की गरिमा को बढ़ाने का कार्य किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को आवास देने का कार्य किया गया। 04 करोड़ परिवारों को निःशुल्क विद्युत कनेक्षन वितरित किए गए। उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्षन दिए गए। आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पात्र व्यक्ति को 05 लाख रुपए का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री के निर्णयों से राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का लाभ सभी पात्र व्यक्तियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा है कि कोरोना कालखण्ड में भी विकास को नई गति मिली है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रयागराज कुम्भ का भव्य और दिव्य आयोजन किया गया। राम-जानकी मार्ग के निर्माण से सीतामढ़ी से अयोध्या की दूरी मात्र 05 से 06 घण्टे में तय की जा सकेगी। राम वनगमन मार्ग का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इससे चित्रकूट और अयोध्या का सफर मात्र साढ़े तीन से चार घण्टे में पूरा किया जा सकेगा।

राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में लगातार चौथी बार दीपोत्सव कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हो रहा है। यह दिव्य दीपोत्सव कार्यक्रम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या की छवि को पर्यटन के मानचित्र पर पूरे विश्व में आलोकित कर रहा है।
भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या का इतिहास पुरातन है। श्रीराम और रामायण भारतीय सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन मूल्यों के वाहक है। भाषा और संवाद की दृष्टि से भी रामलीला भारतीय संस्कृति की परम्परा रही है। भारत के अलावा मॉरीशस, इण्डोनेशिया, सूरीनाम, म्यान्मार और थाईलैंड जैसे देशों में रामलीला की शानदार परम्परा आज भी जीवंत है। वहां के लोगों की आस्था में, अतीत में श्रीराम किसी न किसी रूप में रचे-बसे हुए हैं। यह न सिर्फ हमारी सांस्कृतिक उपलब्धि की मिसाल है, बल्कि इसमें भविष्य की कई मांगलिक संभावनाएं भी विद्यमान है।

राज्यपाल ने कहा कि श्रीराम की महिमा और उनकी जन्मभूमि की महत्ता से न जाने कितने ग्रंथ भरे पड़े हैं। ऐसी महिमा और महत्ता से जुड़ी इस अयोध्या नगरी में मन्दिर का कार्य आरम्भ होना वास्तव में राम भक्तों के लिए एक विशेष उपहार ही है, जिसकी प्रतीक्षा जनमानस को पांच शताब्दियों से भी अधिक समय से थी। उन्होंने कहा कि 05 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशभर के लोगों के सहयोग से निर्मित होने वाले श्रीराम मन्दिर के भूमि पूजन एवं कार्यारम्भ समारोह में हिस्सा लेकर भारतीय मूल्यों के संवाहक प्रभु श्रीराम के इस भव्य मन्दिर का मार्ग प्रशस्त किया।

राज्यपाल ने कहा कि अयोध्या धाम में श्रीराम मन्दिर हमारी सांस्कृतिक एकता और वसुधैव कुटुम्बकम का प्रतीक है। विश्व पटल पर अयोध्या धाम का विकास स्थापित धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में होगा। मन्दिर निर्माण के फलस्वरूप अयोध्या धाम में रोजगार सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों का उन्नयन होगा। इस क्षेत्र में पूरे अर्थतंत्र में बदलाव एवं हर क्षेत्र में सभी लोगों के लिए अवसर की उपलब्धता रहेगी। अयोध्या धाम का विकास सोलर सिटी के रूप में करने से पर्यावरण संरक्षित और संतुलित होगा। अयोध्या धाम को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर इसका सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है।
राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी से सभी को सावधान और सतर्क रहना है। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिये शारीरिक दूरी बनाये रखें, फेस मास्क का प्रयोग करें और बार-बार हाथ धोने का अवश्य ध्यान रखें। उन्होंने सभी पर्वों व त्योहारों के दौरान कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन करने की अपील की।

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान भरत मिलाप का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के प्रतीक स्वरूपों के मंच के आने पर उनका पूजन, वंदन एवं आरती कर भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने सन्तों का स्वागत, वंदन और अभिनन्दन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राम कथा पार्क में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने श्रीरामजन्मभूमि पहुंचकर श्रीरामलला विराजमान के दर्शन-पूजन कर वहां दीप प्रज्ज्वलित किया।
इस अवसर पर भगवान श्रीराम के लीला चरित्र से जुड़ी विभिन्न झांकियों सहित भव्य ‘शोभा यात्रा’ का आयोजन किया गया। यह मनोरम शोभा यात्रा साकेत महाविद्यालय से प्रारम्भ हुई, जो अयोध्या के मुख्य मार्गों से होते हुए रामकथा पार्क में समाप्त हुई। शोभा यात्रा में विभिन्न कलाकारों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान जल शक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, महन्त सुरेशदास, वासुदेवाचार्यजी महाराज यूपी के मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, सूचना निदेशक शिशिर तथा शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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