आगरा में बढ़ती महंगाई को लेकर अनोखा प्रदर्शन, सपा नेता ने ‘फीकी चाय पर चर्चा’ आयोजित कर सरकार को घेरा

स्थानीय समाचार

आगरा में लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल ने शनिवार को चांदी वाली बगीची, मड़िया कटरा क्षेत्र में स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के साथ मिलकर एक अनूठा ‘फीकी चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने चीनी समेत तमाम रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं के लगातार बढ़ते दामों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा।

उन्होंने सरकार से कड़ा सवाल पूछते हुए कहा कि अगर महंगाई इसी रफ्तार से बढ़ती रही, तो आगामी रक्षाबंधन के पावन त्योहार पर बहनें बाजार से घेवर कैसे खरीद पाएंगी और आने वाले विभिन्न त्योहारों तथा शादियों के सीजन में मिठाइयां कैसे तैयार होंगी।

​विनय अग्रवाल ने इस चर्चा के दौरान कहा कि देश और प्रदेश में ‘चाय पर चर्चा’ तो बहुत सुनी और देखी गई होगी, लेकिन मौजूदा समय में बेकाबू होती महंगाई के इस दौर में अब व्यापारियों और आम जनता के साथ बैठकर ‘फीकी चाय पर चर्चा’ करने की सख्त जरूरत आन पड़ी है।

उन्होंने आंकड़े रखते हुए कहा कि बाजार में चीनी के दाम जो पहले करीब 45 रुपये प्रति किलो हुआ करते थे, वे अब बढ़कर लगभग 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। ऐसी स्थिति में सुबह की साधारण चाय से लेकर त्योहारों पर बनने वाली तमाम मिठाइयों तक पर महंगाई का सीधा और भारी असर पड़ रहा है।

आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं मिठाइयां और जरूरत का सामान

​सपा नेता ने चिंता जताते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व पर एक बहन अपनी भाई के लिए घेवर कैसे खरीद सकेगी, इसके अलावा गरीबों की पारंपरिक मिठाई कहे जाने वाले पेठे और अन्य तमाम मिठाइयों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि करवा चौथ के मौके पर महिलाएं चीनी का करवा कैसे बना पाएंगी और दिवाली तथा शादियों के इस दौर में मेहमानों का मुंह मीठा कराने के लिए मिठाई बांटना भी कितना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज की स्थिति यह है कि आम आदमी के दैनिक जीवन से धीरे-धीरे हर तरह की मिठास खत्म होती जा रही है।

इसके साथ ही उन्होंने अदरक की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए दावा किया कि बाजार में अदरक के दाम करीब 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा रसोई गैस, पेट्रोल, खाने के तेल और प्याज जैसी बुनियादी चीजें भी काफी महंगी हो चुकी हैं।

उन्होंने सरकार से तीखा सवाल किया कि महंगाई के इस दौर में आम आदमी अपने घर में पकोड़े तक कैसे बना पाएगा। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों की इन बढ़ती कीमतों ने देश और प्रदेश के गरीब तथा मध्यम वर्ग की कमर तोड़कर रख दी है और उनकी मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। सरकार को महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए जल्द से जल्द ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

​राजनीतिक टिप्पणी और आगामी चुनावों का जिक्र

कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक टिप्पणी करते हुए विनय अग्रवाल ने कहा कि आज बढ़ती कीमतों के कारण आम आदमी के जीवन से सारी मिठास गायब हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे, तथा इसके बाद वर्ष 2029 में अखिलेश यादव देश के प्रधानमंत्री बनेंगे, तभी असल मायनों में आम आदमी के जीवन में दोबारा मिठास लौट कर आएगी।

​इस ‘फीकी चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान सतीश चाहर, राजेश जैसवाल, विनोद अग्रवाल, संजय अग्रवाल, शैलेश अग्रवाल, बबलू यादव, अतुल गर्ग, अजय अग्रवाल, सोमेश गुप्ता, निरमेश शर्मा, विमल वाल्मीकि, अंकित गर्ग, हिमांशु यादव, भानु प्रताप सिंह, लखन यादव, हरिओम यादव, ऋषि गुप्ता, राजीव सविता, सैफी भाई, भोला खान और जाहिद सहित तमाम स्थानीय व्यापारी और पार्टी के अन्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh