​यूपी चुनाव से पहले सियासी पारा हाई: अखिलेश यादव का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले— ‘छात्रों के बीच सपा के जागरूकता अभियान को नहीं रोक पाएगी सरकार’

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाने लगा है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) के बीच वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। इसी क्रम में, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर कड़ा निशाना साधा है।

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भाजपा यह सोचती है कि वह सपा की छात्र इकाई के युवाओं को शिक्षण संस्थानों और छात्रों के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाने से रोक लेगी, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलतफहमी है।

​अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, “भाजपा अगर ये सोच रही है कि वो सपा के ‘छात्र सभा’ के युवाओं को छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलाने से रोक लेगी तो ये उसकी ग़लतफ़हमी है। छात्रों के बीच भाजपा विरोधी जो लहर है वो अब थमेगी नहीं बल्कि बढ़ेगी, क्योंकि आक्रोश और विरोध जितना रोका-दबाया जाता है, वो उतना ही अधिक बलवती होकर प्रतिक्रिया में बदल जाता है। यही ‘विरोध की भौतिकी’ का सच होता है। अब भाजपा पर भाजपाई भी भरोसा नहीं कर रहे हैं। छात्र कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा।”

रायबरेली में सदस्यता अभियान के दौरान हुआ विवाद

​दूसरी ओर, समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि रायबरेली जिले में समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष शुभम लोहिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कॉलेज के बाहर पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपना सदस्यता अभियान चला रहे थे। इसी दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर अभ्रदता व धक्का-मुक्की शुरू कर दी।

​वायरल वीडियो का हवाला देते हुए विनीत कुशवाहा ने दावा किया कि इसमें पूरी घटना साफ-साफ देखी जा सकती है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं और छात्र-छात्राओं का भारी समर्थन समाजवादी पार्टी की तरफ आते देख भाजपा पूरी तरह बौखला गई है और अपनी राजनीतिक खीझ मिटाने के लिए अपने समर्थकों को मैदान में उतार रही है। बहरहाल, छात्र संगठनों के बीच उपजे इस टकराव और राजनीतिक बयानों के चलते सूबे की सियासत का पारा एक बार फिर काफी ऊपर पहुंच गया है।




Dr. Bhanu Pratap Singh