आगरा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आगरा के विभिन्न पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर योग की बयार बही, जहाँ सभी आयु वर्ग के लोगों ने स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। इन सबके बीच, ऑटिज्म (स्वलीनता) से प्रभावित बच्चों के लिए ‘अध्यान्त फाउंडेशन फॉर ऑटिज्म’ द्वारा आयोजित विशेष योग कार्यक्रम आकर्षण और चर्चा का केंद्र रहा। विशेषज्ञों ने इस दौरान जोर देकर कहा कि योग विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए एक अचूक औषधि है।
योग से बदल रहा बच्चों का व्यवहार
अध्यान्त फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों की दिनचर्या में योग का समावेश उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। कई अध्ययनों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से इन बच्चों में एकाग्रता (Concentration) बढ़ने, सामाजिक सहभागिता में सुधार और तनाव-चिड़चिड़ेपन में कमी देखी गई है। यह बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है।
उत्साह के साथ बच्चों ने किए योगासन
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों ने बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार सरल और प्रभावी आसन सिखाए। बच्चों ने दंडासन, बालासन, मंडूकासन, त्रिकोणासन और चक्की चलाना जैसी क्रियाओं के साथ-साथ प्राणायाम का भी पूरे आनंद के साथ अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन के लाभों के बारे में जानकारी दी, जिससे बच्चे और उनके अभिभावक बेहद उत्साहित नजर आए।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक पंकज तिवारी, चेयरमैन नीरज तिवारी, वरिष्ठ स्पीच थैरेपिस्ट डॉ. अश्वनी श्रीवास्तव, प्रबंधक डॉ. रेनू रावत, उपप्रबंधक धीरज कुमार बाथम सहित संस्था के सदस्य और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने योग को केवल एक दिन नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
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