आगरा: ताजनगरी में बेलगाम होते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग संपन्न हुई। बैठक में शहर के भीतर बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए उत्तरी बाईपास (Northern Bypass) के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया।
साइन बोर्ड और पंपलेट से मिलेगी जानकारी
समीक्षा में यह पाया गया कि जानकारी के अभाव में लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ और हाथरस जाने वाले वाहन चालक शहर के अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे देखते हुए मंडलायुक्त ने NHAI को निर्देश दिए कि बाईपास मोड़ से 5 किलोमीटर पहले बड़े दिशा संकेतक (Sign Boards) लगाए जाएं। साथ ही टोल प्लाजा पर पंपलेट बांटकर चालकों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जाए।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
बाईपास के एंट्री पॉइंट पर सुविधाओं की कमी को देखते हुए मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने NHAI अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सीसीटीवी कैमरे, ब्लिंकर, रंबल स्ट्रिप और लाइटिंग की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे के टोल पर मंथन
बैठक में एडीसीपी हिमांशु गौरव ने मुद्दा उठाया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल दरें अधिक होने के कारण वाहन चालक बाईपास के बजाय शहर के रास्तों को चुनते हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने एक्सप्रेसवे अधिकारियों को टोल की राशि किलोमीटर के हिसाब से तय करने का समाधान निकालने के लिए एक महीने का समय दिया है। जल्द ही पुलिस, परिवहन और NHAI की संयुक्त टीम मौका मुआयना कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।
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