बिहार के लखीसराय जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक खबर सामने आई है। यहाँ स्थित प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) के पास सोमवार (17 अगस्त 2026) की सुबह एक भीषण हादसे में 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं ने जताया गहरा शोक
इस भीषण दुर्घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा, “लखीसराय स्थित अशोक धाम में हुई यह घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। इस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मेरा हृदय अत्यंत क्षुब्ध है। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।” उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घायलों के उचित और त्वरित उपचार के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इसके साथ ही, राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की गई है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह और राज्य के मंत्री सह स्थानीय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि वे खुद घटनास्थल का जायजा लेने के लिए जा रहे हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी तथा लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
करंट लगने की उड़ी थी अफवाह, लेकिन असली वजह थी भगदड़
शुरुआती रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि 11 हजार वोल्ट का हाई-टेंशन तार गिरने और करंट लगने की वजह से यह मौतें हुई हैं। हालांकि, लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि मौत का मुख्य कारण करंट लगना नहीं, बल्कि मौके पर मची भगदड़ था।
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जांच के मुताबिक, अशोक धाम हाल्ट पर एक ही समय में दोनों तरफ से ट्रेनें आ गईं, जिन्हें देखकर कुछ युवकों ने अचानक भाग-दौड़ शुरू कर दी। युवकों की इस भगदड़ के कारण वहां मौजूद बिजली का एक पोल नीचे गिर गया। पोल गिरते ही वहां करंट फैलने की झूठी अफवाह आग की तरह फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह थी कि उस समय बिजली की आपूर्ति वास्तव में बंद थी और तार भी कवर किया हुआ था, लेकिन महज एक अफवाह के कारण श्रद्धालुओं में भयंकर दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई।
राहत और बचाव कार्य जारी
इस भीषण हादसे में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं को तुरंत लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है।
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