सोशल मीडिया को और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार नियमों को और ज्यादा कठोर बनाने का मन बना चुकी है। इसके लिए राजनीतिक आम सहमति बनाने की कोशिश में है। सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ बदतमीजी या उनकी गरिमा के साथ किसी भी तरह के खिलवाड़ को सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है।
सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में कहा कि महिलाओं की गरिमा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। वैष्णव ने कहा कि अगर संसद में राजनीतिक सहमति बनती है तो सरकार सोशल मीडिया को और ज्यादा जवाबदेह बनाने के लिए तैयार है
आईटी मिनिस्टर ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सख्त सोशल मीडिया मानदंड लागू करने को तैयार है और देश में संचालित सभी माइक्रो-ब्लॉगिंग साइटों को जवाबदेह ठहराया जाना जरूरी है। सोशल मीडिया के कड़े नियमों के लिए राज्यसभा सदस्यों की सहमति की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को उठाने के लिए तैयार है।
प्रश्नकाल के दौरान सीपीएम नेता झरना दास बैद्य के एक सवाल पर जवाब देते हुए, मंत्री ने कहा, ‘यदि उच्च सदन की सहमति है तो हम ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइटों के लिए और भी सख्त सोशल मीडिया नियम पेश करने के लिए तैयार हैं।’
बैद्य ने सवाल पूछा था कि क्या सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कोई नियम या दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इस पर वैष्णव ने बैद्य के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘इस बिंदु पर, हम संविधान के ढांचे के भीतर काम कर रहे हैं। लेकिन हां, आगे जाकर हमें सोशल मीडिया को और अधिक जवाबदेह बनाने की जरूरत है।’
‘बुल्ली बाई’ और ‘सुल्ली डील्स’ ऐप बनाने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मंत्री ने कहा, ‘अगर सदन में आम सहमति होती है, तो हम और भी सख्त सोशल मीडिया नियम पेश करने को तैयार हैं।’
वैष्णव ने सदन को यह भी बताया कि नए आईटी नियमों के अनुसार पांच महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ हैं और उन सभी को अपनी मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए बाध्य किया गया है। उन्होंने राज्यसभा को यह भी बताया कि ट्विटर ने आईटी नियम, 2021 के अनुसार भारत में रहने वाले एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल संपर्क व्यक्ति और निवासी शिकायत अधिकारी को नियुक्त किया है।
बुल्ली बाई ऐप के खिलाफ और खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए की गई कार्रवाई पर वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मामला सामने आते ही बुल्ली बाई मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
-एजेंसियां
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