लोकसभा चुनाव में 2024 में चुनाव जीते कई नेताओं की कुर्सी संकट में पड़ सकती है. यूपी से जीत हासिल करने वाले करीब 13 माननीय ऐसे हैं, जिनका आगे का सफर मुश्किल भरा हो सकता है, क्योंकि इनके गंभीर धाराओं से जुड़े मुकदमों में आरोप तय हो चुके हैं, अगर पांच साल के दौरान इनके मुकदमे सजा के अंजाम तक पहुंचते हैं तो इन्हें अपनी सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है.
जिन सांसदों पर आरोप तय हुए हैं, उनमें से ज्यादातर विपक्षी दलों के हैं. इनमें सबसे पहला नाम है चंद्रशेखर आजाद का, नगीना से दिग्गजों को मात देने वाले आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर गंभीर अपराध के हैं। चार अलग-अलग मामलों में कोर्ट में इन पर आरोप तय हो चुके हैं। अगर इन मामलों में सजा हुई तो चंद्रशेखर की कुर्सी खतरे में होगी, क्योंकि ज्यादातर मामले गंभीर धाराओं के हैं, जिनमें दो वर्ष से अधिक की सजा हो सकती है।
इसके बाद नाम आता है बाबू सिंह कुशवाहा का. जौनपुर से सपा के टिकट पर जीत हासिल करने वाले बाबू सिंह कुशवाहा NRHM, आय से अधिक संपत्ति के मामलों समेत तमाम गंभीर मुकदमों में नामजद हैं। उनके खिलाफ 25 केस दर्ज हैं, जिनमें आठ मामलों में आरोप तय हो चुके हैं। यूपी पुलिस के अलावा CBI और ED के केस भी हैं
इसके आलावा सुलतानपुर से मेनका गांधी को हराकर संसद पहुंचने वाले राम भुआल निषाद पर भी आठ मामले दर्ज हैं। गोरखपुर में दर्ज गैंगस्टर और जानलेवा हमले के दो मामलों में कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं। इन मामलों में सजा होने पर उनकी सांसदी खतरे में पड़ जाएगी
सहारनपुर से कांग्रेस के टिकट पर जीते इमरान मसूद पर भी आठ मामले दर्ज हैं। इसमें ED का मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी है। मसूद के खिलाफ दो मामलों में आरोप तय हो चुके हैं। आने वाले समय में ED का केस भी रफ्तार पकड़ सकता है।
इसके आलावा माफिया मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर ऐक्ट के एक मामले में उन्हें चार साल की सजा हो चुकी है। उनकी सदस्यता भी चली गई थी, हालांकि सुप्रीम कोर्ट में अपील के बाद राहत मिलने से उनकी सदस्यता बच गई। हालांकि, उनका मामला हाई कोर्ट में लंबित है। अगर सजा का फैसला बरकरार रहा तो उनकी सदस्यता जानी तय है। चुनाव के दौरान भी इस आशंका के चलते उन्होंने अपनी बेटी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतारा था। इसके अलावा अफजाल पर दो केस में आरोप तय हो चुके हैं। इनके आलावा चंदौली से सपा के टिकट पर जीते वीरेंद्र सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं के तीन मामले दर्ज हैं।
आजमगढ़ से जीत हासिल करने वाले सैफई परिवार के धर्मेंद्र यादव के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं। बदायूं में दर्ज एक मामले में धर्मेंद्र के खिलाफ कोर्ट में 21 दिसंबर 2023 को आरोप तय हो चुके हैं।
वहीं फतेहपुर सीकरी से बीजेपी के टिकट पर जीते राजकुमार चाहर पर दो मामले दर्ज हैं। इनमें गंभीर धाराओं के मामले में 16 अगस्त 2023 को आरोप तय हो चुके हैं। मोहनलालगंज से सपा के टिकट पर जीते आरके चौधरी के खिलाफ गोसाईंगंज में दर्ज गंभीर धाराओं के एक मामले में दिसंबर 2023 को आरोप तय हो चुके हैं। बस्ती से सपा के टिकट पर जीते राम प्रसाद चौधरी के खिलाफ कप्तानगंज में दर्ज एक मुकदमे में 20 सितंबर 2022 को और एक अन्य मामले में 27 जुलाई 2023 को आरोप तय हो चुके हैं।
Compiled by up18News
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