कुछ हेल्दी करना चाहती हैं तो गर्मी के मौसम में आप भी ‘रॉ’ पार्टी कर सकती हैं। यह पार्टी क्यों और कैसे करते हैं, इससे जुड़ी सारी जानकारी यहां मिलेगी।
पार्टी और गेदरिंग में खान-पान के नाम पर हेवी खाना हमारे डायट प्लान पर भारी पड़ जाता है। ऐसे में आजकल हेल्दी पार्टी थीम्स का चलन काफी बढ़ रहा है। सैलड बार्स, जूस सेशंस, स्किनी अलफ्रेस्को के बाद अब एक और ट्रेंड काफी पॉप्युलर हो रहा है वह है, रॉ फूड पार्टी यानी कच्चे फूड आइटम्स की पार्टी। जैसा कि नाम से जाहिर हो रहा है इसमें हेवी, ऑइली ऐपेटाइजर्स की जगह होते हैं रॉ फूड ऐपेटाइजर्स। पार्टी में इनसे मैच करते हुए ड्रिंक्स भी रखे जाते हैं जैसे आंवला शॉट्स या स्पिनेच-लेमन ड्रिंक वगैरह।
क्या है लॉजिक
कहा जाता है कि फूड आइटम्स को गरम करने से इनमें मौजूद पोषक तत्व और नैचरल एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। वहीं कच्चे फूड आइटम्स में ये बरकरार रहते हैं। यह बात सच है कि हर फूड आइटम को कच्चा नहीं खाया जा सकता।
आप कच्चे फल, ब्रोकली, प्याज, रेड पेपर, गाजर, सीड्स, ग्रेन यहां तक कि मछली भी हल्की गरम करके सकते हैं।
फूड एक्सपर्ट आरती सोलंकी बताती हैं, ‘कच्चे का मतलब पूरी तरह से कच्चा नहीं। अगर इसे 105 डिग्री फॉरेनहाइट पर गरम किया जाए तो भी चलेगा। ध्यान यह रखना होता है कि फूड आइटम को लंबी कुकिंग प्रॉसेस से न गुजरना पड़े और इसे रिफाइन या फ्राई न किया जाए। आप इनको ब्लेंड कर सकते हैं या जूस भी ले सकते हैं।’
कच्चे फूड्स उस वक्त ज्यादा फायदा करते हैं जब आप किसी शादी, पार्टी या फेस्टिवल में तला-भुना खा चुके हों।
वहीं क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट वसुधा सैनिक बताती हैं कि कच्चे फूड्स को लाइव फूड कैटिगरी में रखा जाता है। नट्स और सीड्स से अगर ज्यादा पोषण चाहिए तो इन्हें भिगाकर खाना चाहिए।
वैसे रॉ फूड पार्टी का फायदा यह भी है कि अकेले तो ऐसा खाना बोरिंग हो सकता है लेकिन दोस्तों के साथ मस्ती-मस्ती में आपके शरीर में कुछ न्यूट्रिशन ऐसे पहुच जाएगा।
-एजेंसियां
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