विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कच्चाथीवू द्वीप मामले में कांग्रेस और डीएमके को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां इस मुद्दे पर ऐसे बात कर रही हैं जैसे उनकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है. उन्होंने कहा कि लोगों को ये जानने का अधिकार है कि कच्चाथीवू द्वीप को दूसरे देश को कैसे दे दिया गया.
इस मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि ”ये ऐसा मुद्दा नहीं है जो आज अचानक उठा है. ये वो मसला है, जो संसद और तमिलनाडु में लगातार उठता रहा है और इस पर बहस हुई है. मेरे रिकॉर्ड बताते हैं कि इस मसले पर मैंने 21 बार जवाब दिया है.”
उन्होंने कहा कि जनता को ये जानने का अधिकार है कि कच्चाथीवू द्वीप को श्रीलंका को दे दिया गया और कैसे 1976 में भारतीय मछुआरों का मछली पकड़ने का अधिकार भी उसे दे दिया गया जबकि संसद में ये गारंटी दी गई थी कि 1974 के समझौते में भारतीय मछुआरों के अधिकार सुरक्षित रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि भारत को श्रीलंका अधिकारियों के साथ मिल कर इसका हल निकालना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”पिछले 20 साल में 6184 भारतीय मछुआरों को श्रीलंका ने पकड़ा. भारत की मछली पकड़ने वाली 1175 नावें ज़ब्त कर ली गईं. ये वो बैकग्राउंड है जिसके बारे में हम बताना चाहते हैं.”
-एजेंसी
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