Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। भारतीय किसान यूनियन अम्बावता ने एक बार फिर देशव्यापी किसान आंदोलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। संगठन ने साफ किया है जब तक सरकार तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेती किसान आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने किसी भी तरह के बीच के रास्ते और समझौते को मानने से साफ इनकार किया है। संगठना का मानना है कि इस आंदोलन को खत्म कराने का सरकार के पास एक ही रास्ता है कि वह तीनों कानूनों को वापस ले।
यह देशभर के किसानों का आंदोलन है, सरकार इस मसले को जितना लम्बा खींचेगी उतना ही घाटा उठायेगी
जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार को किसानों के हितों को देखते हुए तीनों अध्यादेश वापिस लेने चाहिए। सरकार अपनी तरफ से हर हथकंडा अपना रही है जिससे इस आंदोलन को कमजोर किया जा सके। सरकार यह भूल रही है कि यह सरकारी कर्मचारियों या किसी जात बिरादी का आंदोलन नही है। यह देशभर के किसानों का आंदोलन है। सरकार इस मसले को जितना लम्बा खींचेगी उतना ही घाटा उठायेगी। उन्होंने कहाकि यह किसी एक संगठन या एक राज्य का आंदोलन नहीं रह गया है जिसे हडकंडे अपना कर तोड या कमजोर किया जा सके। यह आंदोलन देशभर के किसानों और किसान संगठनों का है। देश के किसानों को संतुष्ट करने का एक ही तरीका है कि इन कानूनों को वापस लिया जाए। भाकियू अम्बावता ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष आगरा संतोष भारद्वाज, तहसील अध्यक्ष मांट संतोष कटारा, ब्लॉक अध्यक्ष मांट ठाकुर जीत सिंह, ब्लाक अध्यक्ष नौहझील डॉ जगदीश निषाद, तहसील मीडिया प्रभारी हरीशंकर गुप्ता, ब्लाक महासचिव संजय पुजारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य ओम प्रकाश नेता जी, वरिष्ठ कार्यकर्ता विजय पाठक, जिला सलाहकार समिति सदस्य मुंशी खान, वरिष्ठ कार्यकर्ता कपिल उर्फ मलिंगा, ठाकुर राजेंद्र सिंह प्रभारी छाता तहसील, धर्मेंद्र सिंह, तुलाराम, सुरेंद्र कुमार, मोतीलाल शर्मा, राममूर्ति शर्मा, भूरा पाठक आदि मौजद रहे।
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