जब टीयर्स आगरा के “स्पेशल” बच्चों ने रच दी रामायण… आंखें नम, दिल गर्व से भर गया

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जब “स्पेशल” बच्चों ने रच दी रामायण… आंखें नम, दिल गर्व से भर गया

स्पेशल बच्चों का अद्भुत मंचन, हर दृश्य में भावनाओं का सागर

आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित मंदबुद्धि शिक्षण संस्थान टीयर्स का 34वां वार्षिकोत्सव 15 मार्च को कुछ ऐसा बना, जिसे शब्दों में बांधना आसान नहीं। इन स्पेशल बच्चों ने मंच पर वह कर दिखाया, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। संपूर्ण राम कथा के प्रमुख प्रसंग जब जीवंत होकर सामने आए, तो दर्शक मंत्रमुग्ध होकर बस देखते रह गए—ताली बजाते, भावुक होते और भीतर ही भीतर इस अद्भुत प्रयास को नमन करते रहे।

राम से रावण तक… हर किरदार में जीवंत हो उठी आस्था

यह कोई साधारण प्रस्तुति नहीं थी। कोई राम बना, कोई हनुमान, कोई शबरी, कोई सीता, तो कोई रावण और वानर सेना। इतनी सारी भूमिकाओं को निभाना, वह भी स्पेशल बच्चों के लिए, अपने आप में एक चमत्कार से कम नहीं। हर बच्चे ने यह साबित कर दिया कि “स्पेशल” सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि उनकी असली ताकत है।

मंच पर अतिथि

अतिथियों ने कहा—आप देश नहीं, समाज की आत्मा बचा रहे हैं

कार्यक्रम में आए अतिथियों ने टीयर्स संस्था, इसकी निदेशक डॉ. रीता अग्रवाल और पूरे स्टाफ की जमकर सराहना की। सेवा अधिकारी दिनेश जुयाल ने भावुक होकर कहा कि हम देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, लेकिन आप इन बच्चों के जीवन की रक्षा कर रहे हैं—यह कार्य कहीं ज्यादा महान और अद्भुत है। उन्होंने यह भी कहा कि इन बच्चों के साथ काम करना आसान नहीं, यह वही समझ सकता है जो इसे जीता है।

देशभक्ति से लेकर रामायण तक, हर प्रस्तुति ने जीता दिल

कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम और गणेश वंदना से हुई, जिसने माहौल को आध्यात्मिक और देशभक्ति से भर दिया। इसके बाद राम जन्मोत्सव, गुरुकुल, धनुष भंजन, सीता स्वयंवर, वनवास, सीता हरण, शबरी मिलन, रावण वध और अयोध्या वापसी जैसे प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने हर किसी को भीतर तक छू लिया।

शुभारंभ करते अतिथि

पुरस्कारों से सम्मानित हुए प्रतिभाशाली बच्चे और सहयोगी

प्रोपर यूनिफॉर्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर – अभय गुप्ता
रेगुलर स्टूडेंट ऑफ द ईयर – प्रिंस कुमार
बेस्ट कोऑपरेटिव पेरेंट्स ऑफ द ईयर – श्रीमती एवं श्री सुनील गुप्ता
बेस्ट कोऑपरेटिव स्टाफ ऑफ द ईयर – शैलेंद्र कुमार यादव

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्नल दीपक जुयाल व रुचि जुयाल ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में एसीपी हरि जी कृष्ण शर्मा उपस्थित रहे।
अति विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती आशा खन्ना, श्री विजय खन्ना (मैनेजिंग डायरेक्टर रामसंस ग्रुप), श्री सुरेश चन्द गर्ग (तपन ग्रुप), श्री राहुल अग्रवाल व रूपाली अग्रवाल (बैकमेट इंडिया लिमिटेड), सुरेश चंद दिनेश चंद शामिल रहे।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ पवन गुप्ता, श्रीमती सुनीता गुप्ता तथा अन्य सम्मानित अतिथि—सुदीप गोयल, डॉ मलय गुप्ता, डॉ विभा गुप्ता, संजीव दोहरे, दीपक मित्तल, कुंजिका अग्रवाल, सीमा घोष, किरण शर्मा, मुकेश अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, साक्षी अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, योगेंद्र सिंघल, अमित राठौर, राजेश सिंह व पार्षद प्रवीणा राजावत उपस्थित रहीं।

धनुष यज्ञ लीला का मंचन करते स्पेशल बच्चे

हर प्रस्तुति के पीछे छिपी मेहनत की कहानी

कार्यक्रम में सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। वंदे मातरम सभी टीचर्स द्वारा प्रस्तुत किया गया। गणेश वंदना में ध्रुव शर्मा, रोहित दिवाकर, गौरव शामिल रहे।
राम जन्मोत्सव में सोफिया, गौरी, अलीशा, तन्वी, नंदिनी, अवनी, यशिका ने प्रस्तुति दी।
गुरुकुल, सीता स्वयंवर, धनुष भंग, वनवास, सीता हरण, शबरी मिलन, रावण वध और अयोध्या वापसी में दर्जनों बच्चों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।हर प्रस्तुति के पीछे छिपी मेहनत की लंबी कहानी
कार्यक्रम में वंदे मातरम सभी टीचर्स द्वारा प्रस्तुत किया गया। गणेश वंदना में ध्रुव शर्मा, रोहित दिवाकर और गौरव ने भाग लिया। राम जन्मोत्सव में सोफिया, गौरी, अलीशा, तन्वी, नंदिनी, अवनी और यशिका ने प्रस्तुति दी। गुरुकुल में प्रेम, कुंज, कनव, दिव्यांश, चाणक्य, प्रिंस कुमार, आलेख, चिराग, रियांश, मुकुल, वंश गोस्वामी, शिवम, यशु, अनव, रुद्रांश, वेदांश, विवेक कुमार, रिशु, वंश बघेल, भावेश, मनीष वर्मा, रोहन भूकेश, पुष्पराज, तरुन, हीरा, आहिल, दर्शित, सानवी, गौरी अग्रवाल, राधा, दृशिका, पियूष, प्रिंस, मानवी और हर्षित चौधरी शामिल रहे।
सीता स्वयंवर में आरती, बुशरा, उदीशा, रचना; धनुष भंग में शशांक, अंकित, अकरम, योगेश्वर, रितेश, अरुण अग्रवाल, अंकुश वोहरा, धनराज, यश शर्मा, रचना, अक्षय अग्रवाल; वनवास में अमन कुमार, प्रिंस पाराशर, सौरभ शर्मा, प्रिंस कुमार, गोविंद, ललित, विशाल, नैतिक वर्मा, पुनीत, कैफ, आर्यन, अरुण सिंह, दिव्यांश सक्सेना, हिमांशु माहेश्वरी, रिषभ, वैशाली, मंजली, मेहल, अराध्या, शिवालिका, शशांक, रोहित श्रीवास्तव, रचना, रितेश, सोफिया, उदीशा, बुशरा शामिल रहे।
सीता हरण में अक्षय अग्रवाल, गर्वित, रितेश, शशांक, रचना; सीता खोज में अवनी, पीयूष, पीयूष भारती, मन्नू, नंदिनी, रोहित सिसोदिया, गणेश, सौरभ, आशीष, जतिन, चाहत, शौर्य, अंकुश, राज; शबरी मिलन में राज, आतिफ, अतुल, बंटू, सनी, आकाश, काशिफ, गुलजार, सुमित, वेद, शिवांश, रौनक, पूनम; रावण वध में अक्षय, शशांक, विनय, विनय गुप्ता, यश वर्मा, अतुल, धीरेश, अभिषेक मिश्रा, अंशुमन, दिनेश; और अयोध्या वापसी में अभय वर्मा, हर्ष जैन, रितेश, रिहान, रोहित दिवाकर, रोहित श्रीवास्तव, गौरव और विष्णु ने भाग लिया।

दिनेश जुयाल का स्वागत।

संचालन और आयोजन की पेशेवर झलक

कार्यक्रम का संचालन श्रेया श्रीवास्तव और गार्गी कौशिक ने किया। गार्गी ने शानदार संचालन किया कि श्रोता वाह वाह कहते रहे।आयोजन में अकबर गार्डेन्स द्वारा टेंट और बीकानेर वाला द्वारा स्नैक्स की व्यवस्था की गई। टीयर्स के समस्त स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।

अतिथि मंच पर हैं

संपादकीय: जहां सेवा बनती है साधना

टीयर्स की निदेशक डॉ. रीता अग्रवाल का यह प्रयास सिर्फ एक संस्थान चलाना नहीं, बल्कि समाज के सबसे उपेक्षित वर्ग को जीवन का सम्मान देना है। आज जब समाज अक्सर “परफेक्शन” के पीछे भागता है, तब डॉ. अग्रवाल जैसे लोग हमें याद दिलाते हैं कि असली सुंदरता अपूर्णता में छिपी होती है।
इन स्पेशल बच्चों को मंच पर लाना, उन्हें रामायण जैसे गूढ़ विषयों से जोड़ना, और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाना—यह कोई साधारण काम नहीं। यह वर्षों की तपस्या, धैर्य और अटूट विश्वास का परिणाम है।
डॉ. रीता अग्रवाल ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही दिशा, प्यार और धैर्य मिले, तो हर बच्चा चमत्कार कर सकता है। यह संस्थान सिर्फ शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि आत्मा को छूने वाली संवेदनशीलता और समाज को नई दृष्टि दे रहा है।
सच कहें तो टीयर्स एक संस्थान नहीं, बल्कि उम्मीद की वह रोशनी है जो अंधेरे में भी रास्ता दिखाती है।

टीयर्स सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि उम्मीद की रोशनी है।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

 

Dr. Bhanu Pratap Singh