ताज साहित्य उत्सव: राजपाल यादव ने साझा किया कला का दर्शन, बोले— “500 जन्म मिलें तो हर बार कलाकार ही बनूँ”

PRESS RELEASE

आगरा। “जहां सात समंदर की माप खत्म होती है, वहीं से कला का उद्गम होता है। जीवन के रंगमंच पर हम सभी छोटे-छोटे पात्र हैं और जो हमें संभाले, वही ईश्वर है।” यह भावपूर्ण विचार बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने इंटरनेशनल ताज साहित्य उत्सव के शुभारम्भ अवसर पर व्यक्त किए। हास्य अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले राजपाल यादव ने अपने आत्मीय अंदाज में कला, जीवन और साधना का गूढ़ दर्शन प्रस्तुत किया।

वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उत्सव का आगाज

गोयनका साहित्य अकादमी के तत्वावधान में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, आगरा में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल ताज साहित्य उत्सव का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलन में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान, अभिनेता राजपाल यादव सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।

“500 जीवन मिले तो हर बार कलाकार बनूंगा”

अपने संबोधन में राजपाल यादव ने कहा कि जीवन के हर मंच पर पढ़कर, गढ़कर और सुनकर उन्हें मानो “500 जीवन” जीने का अवसर मिला है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि उन्हें बार-बार जीवन मिले, तो हर बार कलाकार ही बनना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि कला को आकार देना और उसके विज्ञान को समझना सौभाग्य की बात है और जब तक जीवन है, यह साधना चलती रहेगी।

ताज साहित्य उत्सव अवार्ड से सम्मान

कार्यक्रम में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने राजपाल यादव को ‘ताज साहित्य उत्सव–2026 अवार्ड’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक पवन आगरी तथा कार्यक्रम समन्वयक एवं स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ विशेष रूप से मौजूद रहे।

युवा पीढ़ी के साहित्य से दूर होने पर चिंता

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि आज की युवा पीढ़ी धीरे-धीरे साहित्य से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव से चिंतन की क्षमता प्रभावित हो रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को साहित्य, संस्कार और संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने की अपील की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ प्रार्थना सहित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। अतिथियों का स्वागत पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधे भेंट कर किया गया।

पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

ताज साहित्य उत्सव के दौरान अभिनेता राजपाल यादव ने पत्रकार-लेखक पीयूष पांडे की नई पुस्तक ‘उसने बुलाया था’ का विमोचन किया। पेंगुइन द्वारा प्रकाशित यह कृति क्राइम फिक्शन पर आधारित है। इसके अलावा डॉ. बला जमाल की जुलैखा, पंकज शर्मा की खिड़कियां, नाव्या वशिष्ठ की उलझन, यशवी शर्मा की मिसबी लाइफ और देवश्या चतुर्वेदी की अ गार्डन ऑफ स्टोरीज का भी विमोचन किया गया।

छात्रों की रचनाओं से सजी ‘ड्रीमलाइन’

विशेष उपलब्धि के रूप में जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के 34 विद्यार्थियों की रचनाओं का संकलन ‘ड्रीमलाइन’ भी जारी किया गया, जिसे साहित्यकारों ने भविष्य की सशक्त लेखनी का संकेत बताया।

फिल्म, साहित्य और संगीत का संगम

कुल मिलाकर इंटरनेशनल ताज साहित्य उत्सव ने फिल्म, साहित्य और संगीत की त्रिवेणी के माध्यम से सोच, संवेदना और सृजन का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने आगरा के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।

Dr. Bhanu Pratap Singh