होली रे होली तेरे रंग कितने: भारत के साथ विदेशों में भी बिखरे हैं होली के रंग
आकांक्षा यादव(कॉलेज में प्रवक्ता, विचारक-चिंतक, कवयित्री-साहित्यकार) दुनिया विभिन्न रंगों से भरी पड़ी है। रंगों के बिना कोई भी सौन्दर्य अधूरा लगता है। तभी तो हमारी परंपरा में रंगों का त्योहार समाहित किया गया है। संभवतः मानव ने जब से रंगों को पहचानना आरंभ किया, उसके उत्सवी रूप को भी तभी रंग दिया। इतिहास में झांककर […]
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