जिम में वर्कआउट के दौरान हो रही मौतों का सुनील शेट्टी ने बताया कारण

जिम में वर्कआउट के दौरान हो रही मौतों का सुनील शेट्टी ने बताया कारण

ENTERTAINMENT

 

इन दिनों जिम में वर्कआउट के दौरान डेथ का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। कई ऐसे सिलेब्रिटीज़ हैं जिन्होंने हाल के दिनों में जिम में वर्कआउट के दौरान ही अपनी जान गंवा दी। कुछ समय पहले राजू श्रीवास्त और पिछले दिनों सिद्धांत सूर्यवंशी का निधन भी वर्कआउट के दौरान ही हुआ। पिछले महीने सलमान खान के बॉडी डबल के तौर पर फेमस 50 साल के सागर पांडे का भी निधन जिम वर्कआउट के ही दौरान हुआ।

पिछले साल साउथ के स्टार पुनीत राजकुमार को भी वर्कआउट के दौरान ही अटैक आया और हॉस्पिटल ले जाते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। आखिर सवाल ये उठता है कि यह सिलसिला क्यों बढ़ता जा रहा है और क्यों लोग अचानक इस तरह गुजर रहे हैं। अब ‘धारावी बैंक’ स्टार सुनील शेट्टी ने बताया है कि आखिर ऐसी घटनाएं अब इतनी तेजी से क्यों बढ़ने लगी हैं।

एक्सरसाइज के दौरान मौत का यह आकड़ा क्यों बढ़ता जा रहा है?

सुनील शेट्टी उन बॉलीवुड कलाकारों में गिने जाते हैं जिनके बॉडी और फिजिक की इंडस्ट्री में मिसाल दी जाती थी। वह आज भी उतने ही फिट और हैंडसम दिखते हैं। इन दिनों वह एमएक्स प्लेयर पर आनेवाले शो ‘धारावी बैंक’ को लेकर चर्चा में हैं। इस वेब सीरीज़ को लेकर बातचीत के दौरान सुनील शेट्टी से इसी मुद्दे पर सवाल पूछा गया कि आखिर एक्सरसाइज के दौरान मौत का यह आकड़ा क्यों बढ़ता जा रहा है?

सप्लिमेंट और स्टीरॉइड्स की वजह से हो रहा है

सुनील शेट्टी ने कहा, ‘प्रॉब्लम सप्लिमेंट की वजह से हो रही है जो वे लेते हैं, जो स्टीरॉइड्स वे लेते हैं। वर्कआउट कोई प्रॉब्लम नहीं है। ऐसा नहीं है कि वे लिमिट से ज्यादा अपनी बॉडी को स्ट्रेच कर रहे हैं। ये हार्ट फैल्योर है हार्ट अटैक नहीं, जो सप्लिमेंट और स्टीरॉइड्स की वजह से हो रहा है।’

सैफ ने इसकी कुछ और वजहें गिनाई हैं

सैफ ने इसकी कुछ और वजहें गिनाई हैं। उन्होंने कहा, ‘यही सही खान-पान की कमी और नींद की कमी की वजह से भी हो रहा है। ये सभी प्रॉब्लम इसके पीछे की वजहें हैं। और ध्यान रखिए सही खान-पान से मेरा मेतलब डाइटिंग से नहीं है। सही खानपान से मेरा मतलब न्यूट्रिशन से है। न्यूट्रिशन सही और पर्याप्ट होनी चाहिए।’

कोविड की वजह से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या बढ़ रही

क्या जिम इसे लेकर जरूरी सतर्कता बरत रहा है? क्या वे अपने क्लाइंट को हार्डकोर एक्सरसाइज और मशीन पर डालने से पहले बैलेंस चेक करते हैं? सुनील ने कहा- मुझे यकीन है कि वे ऐसा करते होंगे। हालांकि, उन्होंने एक और बात बताई। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां ये जरूर कहना चाहूंगी कि पोस्ट कोविड हमें टेस्ट कराने की जरूरत है कि कि कहीं बॉडी ब्लड क्लॉट्स (D-Dimer Test) तो नहीं बना रहा। उन्होंने कहा- कोविड की वजह से ब्लड क्लॉटिंग की समस्या बढ़ रही है और इसलिए यह खतरनाक हो सकता है।

Dr. Bhanu Pratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *