नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसर्रत आलम गुट) अलगाववादी संगठन पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। मसर्रत आलम के नेतृत्व वाली मुस्लिम लीग को गैरकानूनी घोषित किया गया है। इसकी जानकारी गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर दी।
संगठन पर यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई है जिसमें गृहमंत्री शाह ने कहा कि ये आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करते हैं और लोगों को भड़काते हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसर्रत आलम गुट)/एमएलजेके-एमए को यूएपीए के तहत एक ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित किया गया है। यह संगठन और इसके सदस्य जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल हैं, साथ ही जम्मू-कश्मीर में इस्लामी शासन स्थापित करने के लिए आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करते हैं और लोगों को भड़काते हैं।
उन्होंने आगे लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी सरकार का संदेश जोरदार और स्पष्ट है कि राष्ट्र के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कौन हैं मसर्रत आलम, संगठन का अंतरिम चेयरमैन जेल में है बंद
मसरत आलम भट्ट बीते चार साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। कश्मीरी कट्टरपंथी अलगाववादी समूह ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मसर्रत आलम पर एनआईए ने आतंकी फंडिंग को लेकर भी मामला दर्ज किया हुआ है। इसके साथ ही साल 2008 और 2010 में कश्मीर घाटी में कथित भूमिका को लेकर गिरफ्तार किया गया था। आलम पर स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 27 मामले दर्ज हैं।
मसर्रत आलम साल 2015 से जेल में हैं पहले कुछ समय तक वह कोट भलवाल जेल में बंद रहा और बीते चार वर्ष से वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में में बंद हैं। साल 2008 और 2010 में कश्मीर में हुए हिंसक प्रदर्शनों का वह मुख्य सूत्रधार रहा है। कट्टरपंथी सैयद अली शाह के निधन के बाद उसे कट्टरपंथी हुर्रियत का अंतरिम चेयरमैन बनाया गया।
– एजेंसी
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