लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर विभिन्न गंभीर मुद्दों को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने देश में चल रही परिसीमन की चर्चा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आज देश की प्राथमिकताओं में परिसीमन से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश की सीमाओं की सुरक्षा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह देश को यह स्पष्ट बताए कि वर्ष 2014 में देश का भौगोलिक क्षेत्रफल कितना था और आज मौजूदा समय में कितना है। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक और बाहरी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर आज कई तरह के गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
विदेश नीति, आतंकवाद और महंगाई पर सरकार को घेरा
सपा अध्यक्ष ने परिसीमन के अलावा देश की विदेश नीति, लगातार बढ़ रहे आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे गंभीर विषयों को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इसके साथ ही, देश में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता और मध्यम वर्ग पर लगातार महंगाई का बोझ और दबाव बढ़ता जा रहा है। उन्होंने पेट्रोल में ई-20 (E-20) मिलाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इस नीति के परिणामों पर जवाब मांगा।
किसानों के हितों की बात करते हुए उन्होंने खाद और डीएपी (DAP) की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें खेती करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लखनऊ की सफाई व्यवस्था और एक्सप्रेसवे के हाल पर तंज
राजधानी लखनऊ की व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बड़े-बड़े ‘स्मार्ट सिटी’ के दावे किए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि राजधानी में जगह-जगह कूड़े के ढेर पड़े हैं और नाले लबालब भरे हुए हैं। सरकार के भारी-भरकम पौधरोपण के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता 300 करोड़ पेड़ लगाने की बात तो बड़े गर्व से करते हैं, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि आखिर ये सारे पेड़ जमीन पर असल में कहां लगाए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में चर्चा में आए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की बदहाल स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आज इस एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जो सरकार के विकास कार्यों की पोल खोलते हैं। उन्होंने सरकार से विकास कार्यों और उनके रखरखाव में हो रही लापरवाही को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।
गोरखपुर में प्राथमिक स्कूल बंद होने पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर का हवाला देते हुए सपा प्रमुख ने दावा किया कि वहाँ लगभग 500 प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर दिया गया है। इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहद गंभीर विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की नौबत आ गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी हमेशा संविधान, सामाजिक न्याय और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और यह लड़ाई आगे भी पूरी मजबूती से जारी रहेगी।
महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और डॉ. राम मनोहर लोहिया को याद करते हुए कहा कि इन महान विचारकों ने देश के समाज को संविधान और समाजवाद का सही रास्ता दिखाया था। आज भी समाज को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक और एकजुट होने की सख्त जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश की आजादी के दौर में लोगों को अपने हक के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था, उसी प्रकार आज भी आम जनता को अपनी मांगों और अधिकारों के लिए सरकारों से संघर्ष करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही, वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके अदम्य साहस, संघर्ष और महान बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महारानी लक्ष्मीबाई ने अपनी वीरता का परिचय दिया था, उसी तरह रानी अवंतीबाई लोधी ने भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ डटकर लोहा लिया था। इतिहास में ऐसे अनेक वीर स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्होंने देश और समाज के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। ऐसे सभी महापुरुषों और वीरांगनाओं को पूरा सम्मान देना आज के समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
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