जालौन। “मेरी मां मर गई है और पापा छोड़कर चले गए हैं… लेकिन सर मैं पढ़कर अफसर बनना चाहती हूं।” विकासखंड रामपुरा की ग्राम पंचायत कंझारी में आयोजित जन चौपाल के दौरान 8 वर्षीय मासूम राधिका के यह शब्द सुनकर मंच पर मौजूद डीएम से लेकर एसपी तक भावुक हो गए। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं।
मासूम की बात सुनने के बाद जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने राधिका को अपने पास बैठाया और उससे बातचीत की। इस दौरान डीएम राजेश कुमार पांडेय ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि जिला प्रशासन राधिका की पूरी शिक्षा और आवश्यक खर्चों की जिम्मेदारी स्वयं उठाएगा। उन्होंने कहा कि राधिका का सपना पूरा करना अब प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
योजनाओं का लाभ तुरंत दिलाने के निर्देश
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राधिका को बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना समेत सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाया जाए, ताकि उसके भविष्य में किसी तरह की आर्थिक बाधा न आए।
गांव में पैदल भ्रमण, योजनाओं का सत्यापन
जन चौपाल के बाद डीएम और एसपी ने गांव में पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान जैसी योजनाओं का जमीनी स्तर पर सत्यापन भी किया गया। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां मिलीं, वहां डीएम ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
खेल मैदान निर्माण के आदेश
निरीक्षण में सामने आया कि गांव में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान नहीं है। इस पर डीएम ने सख्त निर्देश देते हुए 31 मार्च 2026 तक खेल मैदान का निर्माण पूरा कराने का आदेश दिया।
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