आज़ाद भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी का आज सुबह निधन हो गया है. हिमचाल प्रदेश के किन्नौर में रहने वाले नेगी 105 साल के थे. उन्होंने दो नवंबर को हिमचाल विधानसभा चुनाव के लिए वोट भी डाला था.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उनके निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया है, ”स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता एवं किन्नौर से संबंध रखने वाले श्याम सरन नेगी जी के निधन की खबर सुनकर दुःखी हूं. उन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए 34वीं बार बीते 2 नवंबर को ही विधानसभा चुनाव के लिए अपना पोस्टल वोट डाला, यह याद हमेशा भावुक करेगी.”
स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता के तौर पर मशहूर नेगी को भारतीय लोकतंत्र का लीविंग लीजेंड भी कहा जाता है.
स्वतंत्र भारत के पहले चुनाव के दौरान किन्नौर में 25 अक्तूबर 1951 को वोट डाले गए थे.
श्याम सरन नेगी ने एक बार मीडिया से कहा था कि ”अक्तूबर 1951 में मैंने पहली बार संसदीय चुनाव में वोट डाला था, इसके बाद मैंने एक भी मतदान मिस नहीं किया. मैं अपने वोट की अहमियत को जानता हूं. अब तो मेरा शरीर भी साथ नहीं दे रहा है, लेकिन आत्मशक्ति के चलते मैं वोट देने जाता रहा हूं.”
पेशे से एक शिक्षक रहे श्याम सरन नेगी का जन्म एक जुलाई 1917 को हुआ था.
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