वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का आज सुबह (14 मार्च) को निधन हो गया। उनके पीए मोहन ने बताया कि आज सुबह करीब 9 बजे वह बाथरूम में फिसल गये थे, उसके तुरंत बाद उनको घर के पास स्थित प्रतीक्षा अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।आखिरी बार वह अखबार की सुर्खियों में तब आए थे जब उन्होंने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी हाफिज सईद का इंटरव्यू किया था। उनका इंटरव्यू काफी चर्चा में रहा था।
वैदिक का जन्म 30 दिसंबर 1944 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में जेएनयू से पीएचडी की थी. वह चार साल तक दिल्ली में राजनीति शास्त्र के टीचर रहे। उनकी फिलॉस्फी और राजनीतिशास्त्र में भी काफी दिलचस्पी रही।
कई मीडिया संस्थानों में किया था काम
वेद प्रताप वैदिक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की हिंदी समाचार एजेंसी ‘भाषा’ के संस्थापक-संपादक के रूप में जुड़े हुए थे। इसके अलावा वे नवभारत टाइम्स में संपादक (विचार) थे। वैदिक भारतीय भाषा सम्मेलन के अंतिम अध्यक्ष भी रहे। उनका जन्म 30 दिसंबर 1944 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। उन्होंने इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में जेएनयू से पीएचडी की। वैदिक को दर्शन और राजनीतिशास्त्र में दिलचस्पी थी। वे अक्सर इन मुद्दों पर अपने विचार रखते थे।
हाफिज सईद से मुलाकात रही चर्चा में
साल 2014 में वैदिक ने हाफिज सईद से मुलाकात की थी। उन्होंने सईद के इंटरव्यू को अपने वेबसाइट पर सार्वजनिक भी किया, जिसे लेकर काफी विवाद छिड़ा था। ‘तो उस संसद पर थूकता हू’
हाफिज सईद का इंटरव्यू लेने के बाद जब पूरे देश में हंगामा मच गया तो दो सांसदों ने उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर उनको गिरफ्तार करने की मांग की थी। इस पर वैदिक ने टिप्पणी की थी और कहा था, दो सांसद ही नहीं पूरे 543 सांसद सर्वकुमति से एक प्रस्ताव पारित करें और मुझे फांसी पर चढ़ा दें। मैं ऐसी संसद पर थूकता हूं।
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