फिरोजाबाद: बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में करोड़ों का घोटाला; लोन के बदले रखे सोने के 96 पैकेट गायब, तीन कर्मचारी हिरासत में

Crime

फिरोजाबाद: जिले के बैंक ऑफ इंडिया की भारौल शाखा में करोड़ों रुपये के सोने के गायब होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक की तिजोरी से लोन के बदले गिरवी रखे गए सोने के 96 पैकेट गायब मिलने के बाद बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है और उनसे अरांव थाने में गहन पूछताछ की जा रही है।

कैसे खुला करोड़ों का घोटाला?

बैंक प्रबंधन द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, शाखा के मुख्य चाबी धारक दिलीप कुमार (निवासी बासगांव) पिछले 27 मई से बिना किसी सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित चल रहे थे। दिलीप के गायब होने के कारण तिजोरी से संबंधित कामकाज ठप हो गया था। बैंक प्रशासन ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला, तो संदेह गहरा गया। इसकी सूचना तत्काल आगरा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को दी गई।

डुप्लीकेट चाबी से खुली पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 जून को बैंक के वरिष्ठ सुरक्षा प्रबंधक अंकित और घिरोर शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक सुशील कुमार को निरीक्षण के लिए भारौल भेजा गया। बैंक अधिकारियों ने वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच जब डुप्लीकेट चाबी से मुख्य तिजोरी को खोला, तो वहां मौजूद सोना गायब मिला। जांच में पाया गया कि लोन के बदले ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए 96 पैकेट नदारद थे, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है।

पुलिस की जांच और कार्रवाई

एसएसपी आदित्य लांग्हे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य प्रबंधक की तहरीर पर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पहलू पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि तिजोरी की चाबी के अन्य सुरक्षित विकल्प और धारक कौन-कौन थे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस चोरी में किसकी सीधी मिलीभगत है।

फिलहाल, हिरासत में लिए गए तीन आरोपितों से पुलिस पूछताछ कर रही है, जिसमें तिजोरी की चाबी रखने वाला एक कर्मचारी भी शामिल है। पुलिस मुख्य चाबी धारक दिलीप कुमार की तलाश में भी जुट गई है, जिसकी भूमिका इस पूरे घोटाले में सबसे संदिग्ध मानी जा रही है।

–जेपी सिंह

Dr. Bhanu Pratap Singh