आगरा। सूबे की योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर मिलने वाली सब्सिडी का विकेंद्रीकरण कर दिया है। अब तक सब्सिडी का जो काम शासन स्तर से होता था, अब उसका अधिकार आरटीओ दफ्तरों को मिल गया है।
इस नई व्यवस्था से ईवी पर सब्सिडी मिलने में अब देरी नहीं होगी।
आगरा को ही लें तो यहां के आरटीओ कार्यालय में पांच सौ से ज्यादा चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं जबकि दोपहिया ईवी की संख्या 12 हजार है। इनमें से 390 की सब्सिटी लखनऊ स्तर पर अटकी हुई है। यही हाल यूपी के दूसरे जिलों का भी है। सब्सिडी मिलने में हो रही देरी से लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के प्रति उत्साह ठंडा पड़ने लगा था।
अब नई व्यवस्था के तहत आगरा समेत सभी जिलों में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर सरकारी सब्सिडी अब सीधे क्षेत्रीय आरटीओ कार्यालय से प्राप्त की जा सकेगी। बता दें कि सरकार द्वारा निजी बस पर 20 लाख, ई गुड्स कैरियर और कार पर एक-एक लाख तथा ई टू व्हीलर पर पांच हजार की सब्सिडी दी जाती है।
शासन द्वारा ईवी पर दी जाने वाली सब्सिडी में अब तक यह व्यवस्था थी कि डीलरों द्वारा आरटीओ कार्यालय को सूचना भेजी जाती थी। शिकायतें थीं कि डीलरों के स्तर से सूचनाएं भेजने में देरी की जाती है। नई प्रक्रिया में आरटीओ कार्यालय में ईवी खरीद की जानकारी पहुंचते ही वाहन मालिक के खाते में सब्सिडी की धनराशि पहुंच जाएगी।
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