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New Delhi, Capital of India, Bharat. प्रख्यात अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविद एवं चिन्तक प्रोफेसर के. एस. राना भारत सरकार की ministry of Social justice में एडवाइजर नामित किए गए हैं। उन्होंने गत माह कुलपति के रूप में छठे विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी मेडिकल साइन्स जयपुर, राजस्थान में पदभार सँभाला है। प्रो. राना दो अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के कुलाधिपति भी हैं। प्रो. राना को 28 राष्ट्रीय एवं 20 अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड एवं सम्मान मिले हैं।
प्रो. केएस राना ने राजस्थान में रहकर महाराणा प्रताप राष्ट्रीय शोध पीठ की स्थापना कराई जो देश में अब तक नहीं थी। नैनीताल विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद पीठ, रज्जू भैया शोध संस्थान, अटल पत्रकारिता संस्थान स्थापित किए। मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय कराया। इस तरह उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
प्रो. राना ने आगरा विवि से 1996 में पर्यावरण विषय पर देश की पहली DSc की डिग्री प्राप्त की, जो जर्मनी में प्रकाशित हुई। पर्यावरण कानून में मानद उपाधि LLD वोकेशनल यूनिवर्सिटी UK से, विश्व मानवाधिकार आयोग न्यूयॉर्क अमेरिका से D.Litt. की मानद उपाधि 2020 में प्राप्त की है। इस कारण प्रो राना विश्व के सर्वोच्च डिग्रीधारी विद्वान हैं।
भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में “अप्रेजल अथॉरिटी” (मूल्यांकन प्राधिकरण) में ‘वाइस चेयरमैन’ और फिर ‘चेयरमैन’ पद पर 2015 से 2018 तक कार्य धमक के साथ किया।
इससे पूर्व 2015 तक आगरा विश्वविद्यालय में डॉ. राना के निर्देशन में 43 शोधार्थियों ने शोध कार्य किया। उनके अनेक शोधार्थी आज देश विदेश में उच्च शासकीय पदों पर कार्यरत हैं। आगरा विश्वविद्यालय, आगरा में शिक्षक संगठन औटा के निर्विरोध अध्यक्ष रहे। विवि में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।
पर्यावरण के क्षेत्र में प्रो0 राना की 21 पुस्तकें भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशकों ने प्रकाशित की हैं। साथ ही अनेक शोध पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में प्रदूषण, पर्यावरण एवं सामाजिक विषयों पर 328 लेख प्रकाशित हुए हैं।
प्रो0 राना ने पूर्व प्रधानमंत्री चौ0 चरण सिंह द्वारा रचित पुस्तकें -‘INDIAN ECONOMIC POLICY’ एवं ‘ECONOMIC NIGHTMARE OF INDIA’ का हिंदी रूपांतरण किया है। तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों के सानिध्य में रहकर प्रोफेसर राना ने अपनी लेखनी सशक्त बनाई है।
“श्री कृष्ण” के व्यक्तित्व से प्रेरित होकर प्रोफेसर राना ने 1999 में आगरा में कृष्णा कॉलेज ग्रुप की स्थापना की। ग्रुप के चार प्रतिष्ठित कॉलेज है, जिनमें निर्धन वर्ग के छात्र/छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा के साथ आर्थिक सहायता / छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।
इस वर्ष दिल्ली की बड़ी संस्था श्री राम एजूकेशन फाउंडेशन द्वारा देश-विदेश में शिक्षा के उच्चीकरण हेतु प्रो. राना को कुलाधिपति / Chancellor नामित किया है। अंतराष्ट्रीय संस्था Kr Siddharth confederation ने भी ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, भारत में लॉर्ड बुद्ध संस्थान के सानिध्य में विवि खोलने हेतु Chancellor नामित किया है।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों से प्रभावित प्रो. राना जीवन में एक बड़ी सोच को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कथनी करनी में कोई फर्क नहीं है। वह निर्भीक एवं स्पष्ट वक्ता तथा अजातशत्रु हैं।
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