अमेरिका ने युद्ध में यूक्रेन की मदद के नाम पर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं. अमेरिका का खजाना खाली हो गया है जिससे वो अब यूक्रेन की मदद नहीं कर सकेगा.
दरअसल अमेरिका के पास पैसे नहीं है, जिससे वो यूक्रेन की मदद के लिए गोला-बारूद और मिसाइलें भेजने में असमर्थ है, जबकि इस समय रूस के हमलों का सामना करने के लिए यूक्रेन को हथियारों की सख्त जरूरत है. घरेलू राजनीति में फंसा बिडेन प्रशासन मंगलवार को पहली बार यूक्रेन के लिए समर्थन का करने वाले करीब 50 देशों की मासिक बैठक के मेजबान के रूप में खाली हाथ पहुंचा.
कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से बजट को मंजूरी मिलने और यूक्रेन की लड़ाई के लिए और ज्यादा धन स्वीकृत करने की प्रतीक्षा के बीच अमेरिका अब इस अंतर को पाटने के लिए लिए सहयोगियों से अपेक्षा कर रहा है.
अमेरिका रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन इन दिनों प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी के बाद घर पर ही आराम कर रहे हैं. ऑस्टिन ने अपने घर से ही बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वो इस समूह से यूक्रेन की मदद करने का आग्रह करते हैं. वहीं बैठक के बाद अंतरराष्ट्रीय मामलों के सहायक रक्षा सचिव सेलेस्टे वालैंडर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि गोला-बारूद के स्टॉक और भंडार नहीं हैं जिनकी यूक्रेन को जरूरत है.
अमेरिका ने दिसंबर में यूक्रेन की आखिरी बार मदद की थी
आपको बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद से अमेरिका ने यूक्रेन को 44.2 बिलियन डॉलर से अधिक की सुरक्षा सहायता प्रदान की है. इसमें से लगभग 23.6 बिलियन डॉलर मौजूदा सैन्य भंडार से निकाला गया था. अमेरिका ने दिसंबर में यूक्रेन की आखिरी बार मदद की थी. इस दौरान 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर का पैकेज दिया था जिसमें 155 मिमी तोप के गोले, स्टिंगर एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें और अन्य वस्तुएं शामिल थीं. तब से अमेरिका यूक्रेन को अतिरिक्त युद्ध सामग्री उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है, क्यों कि उसका खजाना खाली हो गया है.
– एजेंसी
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