कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि केंद्र और असम की बीजेपी सरकारें नहीं चाहती कि वह छात्रों से संवाद करें. राहुल गांधी ने मंगलवार को अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा का दसवां दिन असम के जोरहाट से शुरू किया.
इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित किया. राहुल गांधी ने कहा, “मैं आपके यूनिवर्सिटी आकर आपसे बात करना चाहता था, आपकी बातें सुनना चाहता था, समझना चाहता कि आप किन चुनौतियों से जूझ रहे हैं, और ये देखना चाहता था कि क्या किसी भी तरह मैं आपकी छोटी-मोटी मदद कर सकूं. लेकिन हुआ ये कि भारत के गृह मंत्रालय ने असम के मुय़ख्यमंत्री को फ़ोन किया और फिर सीएम कार्यालय ने आपके विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों को फ़ोन कर के कहा कि राहुल गांधी को यूनिवर्सिटी के छात्रों से बात करने से रोकना ही होगा.”
कांग्रेस ने राहुल गांधी का छात्रों से संवाद का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “हिंदुस्तान के गृहमंत्री ने असम के मुख्यमंत्री को फोन कर कहा- राहुल गांधी को यूनिवर्सिटी के छात्रों से मिलने मत देना. फिर हिमंत सरमा ने यहां के यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट को फोन लगाया और कहां कि राहुल गांधी असम और नॉर्थ ईस्ट के छात्रों से नहीं मिल सकते इसलिए मैं आपकी यूनिवर्सिटी में आपसे मिलने नहीं आ पाया.”
इससे पहले राहुल गांधी और हिमंत बिस्वा सरमा के बीच जुबानी हमले भी देखे गए हैं. असम से गुजर रही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की “भारत जोड़ो न्याय यात्रा” राजनीतिक टकरावों में घिरी हुई है.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और असम पुलिस में झड़प
असम पुलिस ने राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को असम के जोराबात में आगे बढ़ने से रोका है. वहीं कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को तोड़ा. इस पर राहुल गांधी ने कहा है कि हमने बैरिकेड तोड़े हैं लेकिन क़ानून नहीं तोड़ेंगे.
इस मामले का जो वीडियो सामने आया है उसमें पुलिस के बैरिकेड नज़र आ रहे हैं, और इस पर कांग्रेस के कार्यकर्ता चढ़कर ‘राहुल गांधी ज़िदाबाद’ के नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यात्रा को गुवाहाटी में घुसने से रोका जा रहा है.
मंगलवार को जब राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ों न्याय यात्रा’ की 10वें दिन की यात्रा शुरू हुई तभी खानापाड़ा इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया था.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि असम के सीएम, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री भले ही क़ानून तोड़ सकते हैं लेकिन कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता क़ानून को नहीं तोड़ेगा.
उन्होंने कहा, “मगर आप ये मत सोचिए कि हम लोग कमज़ोर हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता बब्बर शेर हैं. अपनी शक्ति को पहचानो.”
इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी का नगांव ज़िले के बटाद्रवा स्थित श्री श्री शंकर देव सत्र (मठ) मंदिर जाने का कार्यक्रम था लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें करीब 17 किलोमीटर पहले ही हैबोरगांव में रोक लिया. इसके बाद वह वहीं धरने पर बैठ गए थे.
इस घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा था, “हम मंदिर में जाने की कोशिश कर रहे हैं. हमें बुलाया गया था और अब हमें जाने नहीं दिया जा रहा है. लगता है आज सिर्फ़ एक ही व्यक्ति (पीएम नरेंद्र मोदी) मंदिर जा सकता है.”
-एजेंसी
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