Agra, Uttar Pradesh, India. पीएसपी (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) अधिवक्ता सभा के नवनियुक्त प्रदेश सचिव आसिफ आजाद एडवोकेट ने प्रदेश सरकार पर अधिवक्ताओं के साथ भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि स्नातक और शिक्षक की तरह विधान परिषद में अधिवक्ताओं के लिए सीट दी जाए। डॉक्टरों की तरह अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए भी एक्ट बनाया जाए।
एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि आगरा में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ता समाज लगभग 35 वर्षों से संघर्ष कर रहा है। मांग पूरी करने के लिए जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर जनप्रतिनिधियो ने कभी भी लोकसभा या विधानसभा में आवाज नही उठाई। सरकार चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए एक्ट लागू करती है लेकिन अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए कभी गंभीर नहीं रही।
आजाद ने मांग करते हुए कहा कि विधान परिषद में शिक्षकों के लिए स्नातक सीट पर चुनाव कराया जाता है जबकि अधिवक्ताओं के लिए ऐसा कोई माध्यम लागू नहीं है। कोविड काल में सरकार ने अधिवक्ताओं के हित के लिए कोई कदम नहीं उठाया। साथ ही इस महामारी में जिन अधिवक्ताओं ने अपनी जान गंवाई उनके परिवार को कोई मुआवजा नहीं दिया गया। आसिफ आजाद ने कहा कि अधिवक्ताओं के हित के लिए वह हमेशा आवाज उठाते रहेंगे। उनकी मांगों को मनवाने के लिए पीएसपी हमेशा प्रयासरत रहेगी।
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