मुंबई: यहां की सेशन कोर्ट ने माना कि देह व्यापार करना कोई अपराध नहीं है। बल्कि सार्वजनिक स्थान पर ऐसा करना जिससे कि दूसरे लोगों को परेशानी हो वो अपराध है। इस मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने देह व्यापार से जुड़ी एक 34 वर्षीय महिला को शेल्टर होम से रिहा करने का आदेश दिया।
मुंबई सेशन कोर्ट ने रद्द किया फैसला ..
मुंबई सेशन कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 19 का उल्लेख किया और कहा कि स्वतंत्र रूप से घूमने और भारत के किसी भी हिस्से में रहने और बसने का सबका मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 19 के अनुसार, स्वतंत्र रूप से घूमने और भारत के किसी भी हिस्से में रहने और बसने का अधिकार मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पीड़ित बालिग है, वह भारत की नागरिक है और इसलिए उसके पास ये अधिकार हैं। अगर पीड़िता को बिना किसी कारण के हिरासत में लिया जाता है तो यह कहा जा सकता है कि उसके स्वतंत्र रूप से आने-जाने के अधिकार और रहने और बसने के अधिकार का उल्लंघन किया गया है। पुलिस की रिपोर्ट में कहीं भी ऐसा नहीं लगता है कि पीड़िता सार्वजनिक स्थान पर देह व्यापार में शामिल थी। पीड़ित को भारत में कहीं भी रहने और कहीं भी आने-जाने की आजादी है।
काम के आधार पर किसी को हिरासत में नहीं रखा जा सकता..
कोर्ट ने कहा कि किसी भी इंसान को केवल उसके काम के आधार पर हिरासत में बंद करके नहीं रख सकते हैं। पीड़ित महिला दो बच्चों की मां है। निश्चित रूप से उन्हें अपनी मां की जरूरत है और अगर पीड़िता को उसकी इच्छा के खिलाफ हिरासत में लिया जाता है, तो यह उसके अधिकारों के खिलाफ होगा। कोर्ट ने कहा देह व्यापार करना कोई अपराध नहीं है।
बता दें कि इसी साल फरवरी में मुलुंड में छापेमारी हुई थी, जिसके बाद महिला को हिरासत में लिया गया था। उस दौरान मजिस्ट्रेट की अदालत ने देखभाल, सुरक्षा और आश्रय के लिए एक वर्ष की अवधि तक महिला को हिरासत में रखने का निर्देश दिया था। महिला ने मजिस्ट्रेट की अदालत को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट का रुख किया था।
भारत में देह व्यापार को लेकर क्या कानून ..
भारतीय दंड संहिता (IPC) के अनुसार भारत में देह व्यापार अवैध नहीं है लेकिन कुछ गतिविधियां ऐसी हैं जो देह व्यापार का एक बड़ा हिस्सा हैं और अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत दंडनीय हैं, जैसे…
०सार्वजनिक स्थानों पर देह व्यापार
०होटलों में देह व्यापार करना।
०एक देह व्यापार से जुड़े वर्कर की व्यवस्था करके देह व्यापार में शामिल होना।
०एक ग्राहक के लिए यौन क्रिया की व्यवस्था करना।
०कॉल गर्ल को भी सजा।
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