लखनऊ: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने गुरुवार को प्रयागराज में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए स्थानीय प्रशासन और प्रबंधन द्वारा अनुमति रोके जाने पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन इस छात्र संवाद कार्यक्रम से किस बात से सहमा हुआ है और अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है।
क्या है पूरा मामला और अनुमति क्यों हुई रद्द?
गौरतलब है कि इससे पहले कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड (KP Ground) में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की अनुमति को अचानक रद्द कर दिया था। केपी कॉलेज प्रबंधन ने इसके पीछे मुख्य रूप से शैक्षणिक चिंताओं और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला दिया है।
प्रयागराज नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय कॉलेज के प्रधानाध्यापक से प्राप्त इनपुट और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 अगस्त 2025 के उस आदेश को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिसमें यह साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।
प्रबंधन ने यह भी आशंका जताई कि यदि तय तिथि पर यह बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो वहां संचालित होने वाले दो स्कूलों के छात्रों की पढ़ाई और गतिविधियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। इसके अलावा, मानसून के इस मौसम में बारिश के कारण बाहरी खेल मैदान को भारी नुकसान पहुंच सकता है, जिसकी मरम्मत कराना बेहद मुश्किल और समय लेने वाला साबित होगा। पत्र में यह भी सुझाव दिया गया कि इस तरह के आयोजन बरसात के बाद छुट्टियों के दिनों में रखे जाने चाहिए ताकि विद्यालय की गतिविधियों में कोई व्यवधान न आए।
विपक्ष का तीखा हमला: पवन खेड़ा और संजय राउत के बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मीडिया से तीखे अंदाज में कहा, “वे राहुल गांधी से डरते हैं। आप खुद इस बात को साफ देख सकते हैं। वे संसद के भीतर भी उनसे डरते हैं और बाहर भी। उन्हें डरने दीजिए; हम उन्हें डराते रहेंगे। वे संसद में राहुल गांधी का सामना करने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते, और जब भी राहुल गांधी देश के युवाओं व छात्रों की आवाज बुलंद करने निकलते हैं, वे हर बार बाधाएं पैदा करने की कोशिश करते हैं। उनका यह डर ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। हम अपना काम जारी रखेंगे और यह कार्यक्रम जरूर होकर रहेगा, हम प्रयागराज भी जरूर जाएंगे।”
उधर, इस पूरे मामले पर शिवसेना (UBT) के प्रमुख सांसद संजय राउत ने भी केंद्र सरकार और प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “इसे ही असल मायने में इमरजेंसी, तानाशाही और डिक्टेटरशिप कहते हैं। आप विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बुरी तरह डरे हुए हैं। इसी आंतरिक डर की वजह से देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री भी सामने नहीं आ रहे हैं।”
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