राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि भारत, भूटान के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है और बौद्ध धर्म की आध्यात्मिक विरासत दोनों देशों को जोड़ती है। राष्ट्रपति ने कहा कि भूटान एक विश्वसनीय मित्र और भागीदार के रूप में भारत पर भरोसा कर सकता है।
भारत और भूटान के बीच घनिष्ठ और अद्वितीय संबंध
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने यहां राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात की। मुर्मू ने टोबगे का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और भूटान के बीच घनिष्ठ और अद्वितीय संबंध हैं, जो सभी स्तरों पर आपसी विश्वास, सद्भावना और समझ पर आधारित हैं। उन्होंने इस बात की सराहना की कि टोबगे ने भूटान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना।
बौद्ध धर्म की साझा आध्यात्मिक विरासत: मुर्मू
मुर्मू ने कहा कि बौद्ध धर्म की साझा आध्यात्मिक विरासत दोनों देशों को जोड़ती है। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुर्मू ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत, भूटान के साथ अपनी बहुआयामी साझेदारी को बहुत महत्व देता है, जो ऊर्जा सहयोग, विकास साझेदारी, लोगों के बीच आपसी संबंध और व्यापार एवं निवेश संबंधों जैसे क्षेत्रों में फैली है।
भूटान के साथ साझेदारी करना भारत के लिए सौभाग्य
मुर्मू ने कहा कि हिमालयी देश के लोगों की सामाजिक-आर्थिक भलाई एवं समृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में और सहयोग क्षेत्र के विकास में भूटान के साथ साझेदारी करना भारत के लिए सौभाग्य की बात है। मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विकास साझेदारी भूटान की प्राथमिकताओं और खासकर युवाओं की आकांक्षाओं से तय होती रहेगी।
-एजेंसी
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