प्रयागराज चौहरा हत्याकांड का खुलासा: करोड़ों के जेवरात के लालच में बेटे ने उजाड़ा अपना ही परिवार, फिर दोस्त ने कर दी उसकी हत्या

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प्रयागराज: संगम नगरी के साउथ मलाका इलाके में हुई चौहरे हत्याकांड की सनसनीखेज वारदात से न केवल पूरा प्रयागराज, बल्कि प्रदेश का पुलिस महकमा भी हैरान रह गया है। जांच में जो सच सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति और जेवरात के लालच में परिवार के छोटे बेटे ने जो साजिश रची, उसका अंत उसके अपने ही दोस्त के हाथों हुआ।

गुमराह करने के लिए रची गई थी ‘बंटी-बबली’ की कहानी

पुलिस जांच में पता चला कि हत्याओं को अंजाम देने के बाद, बेटे ने घर में एक तख्ती छोड़ दी थी जिस पर लिखा था— “बंटी-बबली और बहू ने मारा”. इसका मकसद पुलिस को गुमराह कर जांच की दिशा दूसरे भाई की तरफ मोड़ना था। पुलिस ने शुरुआती दौर में इसे बाहरी रंजिश का मामला माना, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के बाद साजिश का काला सच सामने आ गया।

दोस्त ने ही बिगाड़ा खेल

साजिश के तहत आरोपी बेटे ने अपने दोस्त शनि गुप्ता के साथ मिलकर 70 वर्षीय पिता वीरेंद्र कुमार वैश्य, 65 वर्षीय मां अनीता और 40 वर्षीय बहन मीनाक्षी की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों ने घर में रखे करोड़ों के जेवरात लूटे। लेकिन, लूट के माल के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी बेटे के दोस्त ने न केवल उसे मौत के घाट उतार दिया, बल्कि पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर केमिकल डालकर उसे जला भी दिया।

​पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज पुलिस ने टीम गठित कर कड़ी मेहनत की। अंततः, पुलिस ने आरोपी दोस्त शनि गुप्ता को दबोच लिया। उसके पास से लूटे गए सभी जेवरात बरामद कर लिए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और पूरी खौफनाक साजिश की परतें खोल दी हैं।

​कानूनी कार्यवाही की तैयारी

प्रयागराज पुलिस अब इस मामले में साक्ष्यों को संकलित कर कोर्ट में सख्त पैरवी करने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक जघन्य अपराध है और आरोपी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। इस घटना ने समाज में रिश्तों के प्रति बढ़ते लालच और अविश्वास के कड़वे सच को सबके सामने लाकर रख दिया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh