अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की आलोचना का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अब ब्रह्मांड की कोई भी ताकत जम्मू और कश्मीर में इसकी वापसी नहीं करा सकती.
पीएम मोदी ने दैनिक जागरण अखबार को दिए एक इंटरव्यू में ये बात कही है.
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर पीएम मोदी ने कहा, ”ब्रह्मांड की कोई ताकत अब 370 की वापसी नहीं करा सकती लिहाजा सकारात्मक काम में लगें”
22 जनवरी को राम मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर उन्होंने कहा है, ”ये खुशी सिर्फ मोदी की नहीं है. ये हिंदुस्तान के 140 करोड़ हृदयों की खुशी, मन के संतोष का अवसर है. मेरे लिए 22 जनवरी का ये अवसर ‘हर घर अयोध्या, हर घर राम’ आने का है.”
संसद में घटी घटना चिंताजनक
संसद पर आतंकी हमले की बरसी के ही दिन फिर से हुई सुरक्षा चूक को लेकर बहस गर्म है। खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मानते हैं कि यह घटना बहुत ही दुखद और चिंताजनक है लेकिन इसे लेकर वाद विवाद या प्रतिरोध की बजाय इसकी गहराई में जाना जरूरी है ताकि समाधान का रास्ता ढूंढा जाए। साथ ही वह उन लोगों को चेताते हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का राग अलापते हैं।
प्रधानमंत्री कहते हैं ‘ब्रह्मांड की कोई ताकत अब 370 की वापसी नहीं करा सकती है लिहाजा सकारात्मक काम में लगें।’ पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद प्रधानमंत्री मोदी फिर से विपक्ष को सकारात्मक राजनीति की सलाह देते हैं। संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर दो दिनों से सदन की कार्यवाही स्थगित हो रही है।
संसद में जो घटना हुई..
प्रधानमंत्री कहते हैं ‘संसद में जो घटना हुई उसकी गंभीरता को जरा भी कम नहीं आंकना चाहिए इसलिए स्पीकर महोदय पूरी गंभीरता के साथ आवश्यक कदम उठा रहे हैं। जांच एजेंसियां सख्ती से जांच कर रही हैं। इसके पीछे कौन से तत्व हैं, क्या मंसूबे हैं, इसकी गहराई में जाना भी उतना ही जरूरी है। एक मन से समाधान के रास्ते भी खोजने चाहिए। ऐसे विषयों पर वाद-विवाद या प्रतिरोध से सभी को बचना चाहिए।’
भाजपा ने सबको चौंकाया
प्रधानमंत्री का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि इसकी संभावना कम है कि विपक्षी दलों के आक्रामक रुख के कारण सोमवार को भी सदन को सुचारू रहे। हिंदी पट्टी के तीन राज्यों-मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की जीत को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भी संदेश बताते हुए प्रधानमंत्री कहते हैं कि उनके लिए सीटों की गिनती से ज्यादा जनता के दिलों को जीतना प्राथमिकता है। मैं इसके लिए मेहनत करता हूं और जनता झोली भर देती है। तीन राज्यों में मुख्यमंत्री के रूप में नए चेहरों को प्राथमिकता भाजपा ने सबको चौंकाया।
22 जनवरी को राम मंदिर का उदघाटन
प्रधानमंत्री इस पर भी अपनी सोच रखते हैं। वह कहते हैं- किसी भी सेक्टर में कोई नाम अगर बड़ा हो गया, किसी ने अपनी ब्रांडिंग कर दी, तो बाकी लोगों पर ध्यान नहीं जाता, चाहे वो कितने ही प्रतिभाशाली क्यों ना हों, कितना भी अच्छा काम क्यों न करते हों। इस वजह से नए लोगों की प्रतिभा और उपयोगिता की चर्चा ही नहीं हो पाई। इसके कारण आपको कई बार कुछ लोग नए लगते हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि वे नए नहीं होते। उनकी अपनी एक लंबी तपस्या होती है, अनुभव होता है।
नए साल की 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर का उदघाटन होने वाला है। प्रधानमंत्री अपने लिए इसे खास दिन मानते हैं। वह कहते हैं- ये खुशी सिर्फ मोदी की नहीं है। ये हिंदुस्तान के 140 करोड़ हृदयों की खुशी, मन के संतोष का अवसर है। मेरे लिए 22 जनवरी का ये अवसर ‘हर घर अयोध्या, हर घर राम’ आने का है।
Compiled: up18 News
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