नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पोलियो के कारण अपने दोनों हाथ और पैर खो चुके दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. केएस राजन्ना को गुरुवार को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया। सम्मान मिलने के बाद राजन्ना ने कहा कि दिव्यांगों को भी मौका दिया जाना चाहिए और उन्हें कमजोर नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “पदमश्री अवार्ड के समय प्रधानमंत्री मोदी रजन्ना जी कह कर बुलाए। बहुत खुशी होती है कि अब कोई विकलांग नही दिव्यांग कहता है। इससे अब सम्मान महसूस होता है।”
राजन्ना सम्मान लेने के लिए जाते समय पीएम मोदी और शाह का अभिवादन करने भी गए। पीएम मोदी का हाथ थामे राजन्ना कुछ कहते भी दिखे। चंद सेकेंड की यह मुलाकात देखने वाले लोगों को भावुक कर रही है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद जब राजन्ना राष्ट्रपति के आसन की तरफ बढ़े तब वहां भी उन्होंने शीश नवाकर मंच को प्रणाम किया। मंच पर राजन्ना ने अपनी ललाट झुकाई और मंच को प्रणाम किया। जब राजन्ना को सम्मानित किया गया तो समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और अतिथि लगातार तालियां बजाते रहे।
‘खुशी होती है कि अब कोई विकलांग नहीं, दिव्यांग कहता है’
केएस राजन्ना का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने दिव्यांगों को मौका देने की वकालत की। उन्होंने बताया, “पद्मश्री अवार्ड के समय प्रधानमंत्री मोदी रजन्ना जी कह कर बुलाए। बहुत खुशी होती है कि अब कोई विकलांग नहीं, दिव्यांग कहता है जिससे सम्मान महसूस होता है।” राजन्ना ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से भी दिव्यांग को अवसर देने की बात कही है।
– एजेंसी
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